ब्रिक्स सम्मेलन में मांसाहार का कोई मुद्दा नहीं, राहुल गांधी कुछ भी बोलते रहें: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। ब्रिक्स समिट को उन्होंने सफल बताया है।

मुरादाबाद,उत्तर प्रदेश। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मांसाहार संबंधी बयान को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मेलन में मांसाहार का कोई मुद्दा नहीं था। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए और सम्मेलन के बाद साझा बयान जारी किया गया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए प्रस्ताव भी पारित किया गया।
राहुल गांधी के मांसाहार संबंधी बयान पर रामदास आठवले ने कहा कि राहुल गांधी मांसाहारी भोजन करते होंगे, लेकिन ब्रिक्स सम्मेलन का विषय मांसाहार से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में शामिल देशों के प्रमुखों ने एक-दूसरे के सहयोग और आपसी समर्थन पर जोर दिया। उनके अनुसार सम्मेलन सफल रहा और विभिन्न देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
दरअसल, राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि देश की बड़ी आबादी मांसाहारी है और भारतीय मांसाहारी भोजन स्वादिष्ट होता है। उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान आयोजित रात्रिभोज के एक दिन बाद आया था। इस भोज में विदेशी मेहमानों के लिए शाकाहारी भोजन परोसे जाने की जानकारी सामने आई थी।
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद को लेकर पूछे गए सवाल पर रामदास आठवले ने इसे बहुजन समाज पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को बार-बार पार्टी से निकाला जा रहा है। उन्होंने आकाश आनंद को अपने साथ आने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वह चाहें तो उनके साथ आ सकते हैं। आकाश आनंद को इससे पहले कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी की ओर से भी राजनीतिक प्रस्ताव मिलने की बात सामने आई है।
महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी को लेकर चल रही बयानबाजी पर भी रामदास आठवले ने अपनी राय रखी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने गरबा उत्सव को किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रखने की बात कही है, जबकि भाजपा नेता नितेश राणे ने गरबा और डांडिया आयोजनों में मुसलमानों की भागीदारी को प्रतिबंधित करने की मांग के संदर्भ में विश्व हिंदू परिषद के रुख का समर्थन किया है।
रामदास आठवले ने कहा कि वह नितेश राणे के बयान से सहमत नहीं हैं, जबकि अमृता फडणवीस के विचारों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि गरबा पंडालों में सभी का स्वागत होना चाहिए। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सभी लोगों को मिल-जुलकर और प्रेमपूर्वक रहना चाहिए तथा सौहार्द और भाईचारे का वातावरण बनाए रखना चाहिए।

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