उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, आठ वर्षों में मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि

लखनऊ,ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में पिछले आठ-नौ वर्षों के दौरान व्यापक विस्तार हुआ है। प्रदेश सरकार के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों की संख्या और एमबीबीएस की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही जिलों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया है।
प्रदेश में वर्ष 2017 में जहां कुल 36 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, वहीं अगस्त 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 85 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या 4,690 से बढ़कर 13,600 हो चुकी है। सरकार का कहना है कि इस विस्तार से प्रदेश के अधिक संख्या में मेधावी विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की स्थिति पर नजर डालें तो वर्ष 2012 में प्रदेश में एमबीबीएस की केवल 2,740 सीटें उपलब्ध थीं। वर्ष 2017 तक यह संख्या बढ़कर 4,690 हुई। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए प्रदेश में ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ की नीति पर तेजी से काम किया गया। सरकार के अनुसार, वर्ष 2017 के बाद 49 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए और एमबीबीएस की 8,910 अतिरिक्त सीटों का विस्तार हुआ।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों के स्तर पर भी प्रदेश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में 15 राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जिनमें एमबीबीएस की 1,990 सीटें थीं। वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 45 हो गई है, जबकि इन कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 5,350 हो चुकी हैं। इस तरह राजकीय क्षेत्र में एमबीबीएस की 3,360 अतिरिक्त सीटों की वृद्धि हुई है।
सरकार का मानना है कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। इसके साथ ही नए मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिली है।
नीट स्नातक की दूसरे चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने के बीच प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बढ़ते अवसर विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों में हुई यह वृद्धि प्रदेश को देश के प्रमुख चिकित्सा शिक्षा केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




