मुंबई में 1.28 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स जब्त, पूर्व वकील होने का दावा करने वाला आरोपी गिरफ्तार

गोरेगांव ईस्ट के फिल्म सिटी रोड स्थित हनुमान नगर में सैटेलाइट टावर के पास से, डिंडोशी पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उसके पास से 640 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ, जिसकी कीमत 1.28 करोड़ रुपये बताई जा रही है। शख्स उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहनेवाला है।

मुंबई,एजेंसी। महानगर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिंडोशी पुलिस ने करीब 1.28 करोड़ रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवाजी जयप्रकाश सिंह (31) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पेशे से वकील रहा है और अधिक कमाई के लालच में कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई से जुड़ गया था। हालांकि, उसके पेशेवर इतिहास और इस मामले में उसकी भूमिका से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, दिंडोशी पुलिस थाने की ड्रग्स स्क्वॉड टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस टीम ने हाईराइज टावर क्षेत्र में सैटेलाइट टावर के पास जाल बिछाया। इसी दौरान कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई करने पहुंचे आरोपी को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास मौजूद बैग की तलाशी ली तो उसमें से लगभग 680 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 25 लाख से 1 करोड़ 28 लाख रुपये के बीच बताई है। आरोपी के पास से कुछ अन्य दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस अब इन दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और उनकी आपूर्ति किसे की जानी थी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी को एमडी ड्रग्स की प्रत्येक खेप पहुंचाने के बदले 12 प्रतिशत कमीशन मिलने का कथित समझौता था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप दिल्ली से किस व्यक्ति ने भेजी थी, मुंबई में इसे किसे सौंपा जाना था और इस पूरे कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के तार मुंबई से बाहर सक्रिय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल संपर्कों, बरामद दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच का उद्देश्य केवल बरामद मादक पदार्थ के स्रोत का पता लगाना नहीं, बल्कि इसके परिवहन, वितरण और संभावित खरीदारों तक पहुंचने वाली पूरी कड़ी का खुलासा करना भी है। यदि इस मामले में किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है, तो उससे जुड़े अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
डीसीपी गजानन राजमाने के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस अब जब्त मादक पदार्थ और आरोपी से प्राप्त जानकारियों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से इस कथित तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके संचालन के तरीके के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है। उसे अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए हिरासत की मांग किए जाने की जानकारी दी गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
मुंबई पुलिस का कहना है कि शहर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जब्त की गई खेप के पीछे कौन लोग हैं, कथित कमीशन के आधार पर काम करने वाले अन्य व्यक्ति कौन हैं और क्या इस नेटवर्क की पहुंच मुंबई के अलावा दूसरे राज्यों तक भी है। पुलिस की जांच से इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

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