मेरठ में फिल्म देखकर रची दो करोड़ की चोरी की साजिश, घरेलू सहायिका समेत चार गिरफ्तार

मेरठ के डिफेंस कॉलोनी में करोड़ों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। घरेलू सहायिका रोशनी और कुक जितेंद्र ने मिलकर चोरी की साजिश रची थी। उन्होंने कारोबारी की मां को बेहोश करके सामान चोरी किया।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

मेरठ,उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्पोर्ट्स कारोबारी आशुतोष भल्ला के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर में हुई करोड़ों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में घरेलू सहायिका और रसोइये समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, घर में काम करने वाली रोशनी ओराओन ने रसोइये जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची थी। आरोप है कि कारोबारी की बुजुर्ग मां को खाने में नींद की गोली मिलाकर बेहोश किया गया और इसके बाद घर में रखे कीमती आभूषण, नकदी तथा दुर्लभ पुराने सिक्के चोरी कर लिए गए। पुलिस ने गंगानगर पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में चोरी का माल बरामद करने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद आभूषणों, सिक्कों और अन्य सामान का अनुमानित मूल्य दो करोड़ रुपये से अधिक है।
पुलिस के मुताबिक, इस वारदात की साजिश घर के भीतर ही तैयार की गई थी। स्पोर्ट्स कारोबारी के यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली रोशनी ओराओन मूल रूप से पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी की रहने वाली है। घर में काम करने के दौरान उसे वहां रखे कीमती सामान और आभूषणों की जानकारी थी। आरोप है कि इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए उसने घर के रसोइये जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। वारदात के दौरान कारोबारी की बुजुर्ग मां को खाने में नींद की गोली मिलाकर दी गई, जिससे वह बेहोश हो गईं। इसके बाद घर में रखे जेवर, नकदी और पुराने सिक्के एक बैग में भरकर बाहर पहुंचा दिए गए।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि चोरी के सामान को घर से बाहर निकालने में रोशनी की भूमिका अहम थी। आरोप है कि जितेंद्र ने चोरी का बैग रोशनी के माध्यम से बाहर भिजवाया। रोशनी को भरोसा दिलाया गया था कि करीब दस दिन में मामला शांत हो जाएगा और इसके बाद नकदी तथा आभूषण आपस में बराबर बांट लिए जाएंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने फिल्म ‘दृश्यम-3’ देखकर वारदात की योजना तैयार की थी। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रोशनी के मोबाइल नंबर के जरिए उसकी गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस उसके प्रेमी तक पहुंची और फिर रोशनी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में रसोइये जितेंद्र कुमार का नाम सामने आने के बाद उसे भी हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों से पूछताछ के दौरान चोरी के सामान को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने में अन्य लोगों की भूमिका का पता चला।
पुलिस के मुताबिक, रोशनी ने चोरी का बैग जितेंद्र की बहन मीनू पत्नी प्रदीप को सौंपा था। इसके बाद मीनू ने कथित तौर पर बैग अपने पूर्व पति मनीष कुमार उर्फ मन्नू के पास सहारनपुर पहुंचा दिया। इस तरह चोरी का सामान मेरठ से सहारनपुर और हरियाणा तक पहुंच गया। पुलिस ने जांच के आधार पर मनीष और मीनू को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी के सामान की बरामदगी की कार्रवाई की गई है।
पुलिस पूछताछ में रोशनी के निजी जीवन से जुड़ा पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, रोशनी के नीरज यादव से प्रेम संबंध थे और वह उससे शादी कर नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी। आरोप है कि चोरी की रकम और आभूषणों में हिस्सा मिलने की उम्मीद में उसने जितेंद्र के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। हालांकि, इस संबंध में सामने आए तथ्यों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार निवासी कपसाड़, थाना सरधना, मेरठ; रोशनी ओराओन निवासी जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल; मनीष कुमार उर्फ मन्नू निवासी रणखंडी, थाना देवबंद, सहारनपुर; और मीनू पत्नी प्रदीप निवासी ब्रास, करनाल, हरियाणा के रूप में की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.टी.जी.एस. मूर्ति के अनुसार, बरामद सामान में पीली और सफेद धातु के विभिन्न आभूषण, सफेद धातु के 32 छोटे-बड़े सिक्के, 111 पुराने देशी-विदेशी सिक्के तथा आठ प्राचीन धातु मुद्राएं शामिल हैं। इसके अलावा पुराने पांच सौ रुपये के 12 नोट भी बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल अंकित कीमत छह हजार रुपये है। पुलिस ने अन्य नकदी के रूप में 3.50 लाख रुपये बरामद किए हैं। इस प्रकार कुल नकद बरामदगी 3.56 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अधिकारियों ने आभूषणों, दुर्लभ सिक्कों, प्राचीन मुद्राओं और अन्य सामान का कुल अनुमानित मूल्य दो करोड़ रुपये से अधिक बताया है। पुलिस का दावा है कि चोरी गए सामान की शत-प्रतिशत बरामदगी कर ली गई है। मामले में आरोपियों से पूछताछ और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

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