फतेहपुर में पत्रकारों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मुकदमा दर्ज, एक आरोपी गिरफ्तार
फतेहपुर के खखरेरू में सोशल मीडिया पर पत्रकारों के खिलाफ कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी सोहनलाल उर्फ चाइना मिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, री-पोस्ट और टिप्पणियों की जांच कर रही है।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। सोशल मीडिया पर पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में खखरेरू थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में नामजद एक आरोपी सोहनलाल उर्फ चाइना मिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों खखरेरू नगर पंचायत कार्यालय में एक समाचार पत्र के पत्रकार अशोक सिंह को क्षेत्रीय पत्रकार संघ का अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से जानकारी साझा की गई। आरोप है कि इसी पोस्ट के बाद ‘खखरेरू की आवाज’ नामक फेसबुक आईडी से पत्रकारों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।
आरोप है कि सोहनलाल उर्फ चाइना मिस्त्री ने उक्त पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए पत्रकारों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। वहीं, निरंजन केसरवानी पुत्र स्वर्गीय छोटेलाल केसरवानी पर भी सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए पत्रकारों के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
मामला संज्ञान में आने के बाद खखरेरू थाना पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोहनलाल उर्फ चाइना मिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरे आरोपी निरंजन केसरवानी की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट, री-पोस्ट और टिप्पणियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सतर्क हो गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विवादित पोस्ट किस फेसबुक खाते से साझा की गई और उसे किन लोगों ने री-पोस्ट या उस पर टिप्पणी की। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद पत्रकारों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश के साथ-साथ पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।




