फर्जी सीबीआई एजेंट बनकर घूमने वाला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोहन जाधव गिरफ्तार
पुणे में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोहन जाधव को एक बुजुर्ग व्यक्ति से 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

मुंबई/एजेंसी। पुणे पुलिस ने एक बुजुर्ग से 10.74 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोहन जाधव को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जाधव ने धोखाधड़ी से हासिल रकम को हजारों बैंक खातों में ट्रांसफर करने के साथ ही विदेश में बैठे लोगों के साथ वित्तीय लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों और वित्तीय स्रोतों को फ्रीज कर दिया था, जिसके बाद उसने अदालत में सरेंडर किया।
पुलिस के अनुसार, जनवरी में ठगों के एक गिरोह ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताकर बुजुर्ग व्यक्ति से संपर्क किया था। आरोपियों ने उसे बताया कि वह एक मामले में आरोपी है और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा जा सकता है। इसके बाद उससे अलग-अलग बैंक खातों में 10.74 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
ठगी का पता चलने के बाद बुजुर्ग ने पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों में से एक के एटीएम से रकम निकाले जाने के बाद सुराग जुटाए। इसके आधार पर हर्षद सुभाष धंतोले, समर्थ सुरेश देशमुख और अमर शिवाजी अत्तरगी को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, इस दौरान रोहन जाधव फरार था।
पुलिस पूछताछ में धंतोले ने कथित तौर पर बताया कि एटीएम से निकाली गई रकम उसने रोहन जाधव को दी थी। इसके बाद जांच में जाधव की भूमिका सामने आई। मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले जाधव पर आरोप है कि उसने ठगी से प्राप्त 10.74 करोड़ रुपये को कुल 5,436 बैंक खातों में ट्रांसफर किया।
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि जाधव टेलीग्राम के माध्यम से हांगकांग में मौजूद कुछ लोगों के संपर्क में था और उनके साथ वीडियो कॉल पर बातचीत करता था। पुलिस के अनुसार, वह डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से कथित तौर पर अपने विदेशी हैंडलर्स के साथ वित्तीय लेनदेन करता था।
अधिकारियों का कहना है कि जाधव को भारत से विदेशी मुद्रा में रकम ट्रांसफर करने के बदले भारी कमीशन मिलता था। पुलिस अब उसके विदेशी संपर्कों, बैंक खातों, क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन और ठगी की रकम के नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, रोहन जाधव के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। इनमें एक मामला पुणे और दूसरा पिंपरी-चिंचवड़ में दर्ज है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर पहचान रखने वाला जाधव सेलिब्रिटी मैनेजमेंट का काम भी करता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 10.74 करोड़ रुपये की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और इस पूरे नेटवर्क में भारत तथा विदेशों में कितने लोग शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




