‘जेन ज़ी’ की ‘आजाद हिंद फौज’ बनाएंगे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्रकुमार, युवाओं पर रहेगा फोकस

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने 'आजाद हिंद पार्टी' नाम से एक नया राजनीतिक दल शुरू करने की योजना की घोषणा की। 66 वर्षीय चंद्र कुमार बोस ने हाल ही के दिनों में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी छोड़ी है। उससे पहले वह बीजेपी में थे।

कोलकाता/एजेंसी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पार्टी युवाओं को केंद्र में रखकर काम करेगी और नेताजी की समावेशी, धर्मनिरपेक्ष तथा राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाएगी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए जेन-जी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में नया मंच खड़ा करने का निर्णय लिया है।
चंद्र कुमार बोस का राजनीतिक सफर इससे पहले भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा रहा है। उन्होंने वर्ष 2016 में भाजपा की सदस्यता ली थी और करीब सात वर्ष तक पार्टी में रहे। बाद में उन्होंने भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले को गलती बताया। उनका कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि नेताजी की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए ‘आजाद हिंद मोर्चा’ का गठन किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बोस ने कहा कि उन्होंने सात वर्ष तक इस उम्मीद में इंतजार किया, लेकिन आजाद हिंद मोर्चा नहीं बनाया गया। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने इस संबंध में उनसे वादा किया था और इसी भरोसे पर वह भाजपा में शामिल हुए थे।
इसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अप्रैल 2026 में चंद्र कुमार बोस तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि टीएमसी के माध्यम से नेताजी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, करीब चार महीने बाद 3 अगस्त 2026 को उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजे इस्तीफे में उन्होंने निजी कारणों को पार्टी छोड़ने की वजह बताया था।
अब नई पार्टी बनाने के फैसले के पीछे बोस ने युवाओं में बढ़ रही नाराजगी और व्यवस्था के प्रति असंतोष को प्रमुख कारण बताया है। उन्होंने कहा कि आजादी के करीब 80 वर्ष बाद युवा एक बार फिर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में उन्हें युवाओं के भीतर मौजूद वही जज्बा दिखाई दिया, जिसने उन्हें नया राजनीतिक मंच बनाने के लिए प्रेरित किया।
चंद्र कुमार बोस ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार राजनीति और संस्थानों में व्यापक रूप से फैला हुआ है और सभी राजनीतिक दल इससे प्रभावित हैं। उनके मुताबिक, युवा सरकार, प्रशासन और अन्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली से निराश हैं तथा उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए एक राजनीतिक मंच की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नेताजी की आजाद हिंद फौज की विचारधारा और उसके झंडे तले राजनीतिक संघर्ष को आगे बढ़ाने से बेहतर विकल्प उनके लिए क्या हो सकता है। बोस ने संकेत दिया कि प्रस्तावित पार्टी का नाम ‘आजाद हिंद पार्टी’ रखा जा सकता है।
बोस ने जेन-जी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की निराशा केवल किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे व्यवस्थागत समस्याएं हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को राजनीति में अपनी भागीदारी बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में होने वाली ‘निचले स्तर की राजनीति’ की भी आलोचना की। बोस का कहना है कि नई पार्टी का उद्देश्य राजनीति में सकारात्मक बदलाव लाना और युवाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना होगा, जहां समावेशी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के साथ काम किया जा सके।
चंद्र कुमार बोस ने उम्मीद जताई कि प्रगतिशील, समावेशी और धर्मनिरपेक्ष विचार रखने वाले लोग, विशेषकर युवा, उनकी प्रस्तावित आजाद हिंद पार्टी से जुड़ेंगे। उनके इस ऐलान को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए राजनीतिक प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button