एमपी के नरसिंहपुर में फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार, महिला चिकित्सक से तीन लाख की ठगी
एमपी के नरसिंहपुर में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर महिला चिकित्सक से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने AI तकनीक से अपनी तस्वीरों को एडिट कर खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बताया और जीवनसाथी डॉट कॉम के जरिए महिला से संपर्क किया। पुलिस ने आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार किया है।

नरसिंहपुर/मध्य प्रदेश। नरसिंहपुर पुलिस ने महिला चिकित्सक से करीब तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को वाराणसी से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से महिला चिकित्सक से संपर्क किया और खुद को आईएएस अधिकारी तथा चिकित्सक बताकर उसका विश्वास जीता। इसके बाद कथित तौर पर उसे अपने जाल में फंसाकर रकम की ठगी की।
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के अनुसार महिला चिकित्सक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जीवनसाथी डॉट कॉम के माध्यम से उसकी पहचान संजय कुमार निवासी बभनौती, जिला भदोही (उत्तर प्रदेश) से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत और चैटिंग शुरू होने के बाद आरोपी ने खुद को आईएएस अधिकारी और चिकित्सक बताया।
आरोपी ने महिला को बताया कि उसने पटना से एमबीबीएस और एमडी तथा भुवनेश्वर से डीएम की पढ़ाई की है। उसने यह भी दावा किया कि उसका यूपीएससी में चयन हुआ है और उसे मध्यप्रदेश कैडर मिला है। इसके अलावा उसने खुद को धार जिले में एसडीएम के पद पर पदस्थ बताते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया। इन बातों के जरिए आरोपी ने महिला का विश्वास हासिल किया और बाद में कथित रूप से करीब तीन लाख रुपये की ठगी कर ली।
पुलिस जांच में आरोपी की कथित फर्जी पहचान का एक और पहलू सामने आया। पुलिस के मुताबिक वह एआई आधारित तकनीक की मदद से अपनी तस्वीरों को एडिट कर वरिष्ठ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था। वह वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक संस्थानों से संबंधित तस्वीरें और दस्तावेज अपने मोबाइल फोन तथा सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करता था। इनके जरिए वह खुद को बड़ा अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास हासिल करता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने परिवार और गांव में भी खुद को आईएएस अधिकारी बताया था। उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई महिलाओं से चैटिंग के साक्ष्य मिले हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की हो सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता रही है।
महिला चिकित्सक की शिकायत मिलने के बाद नरसिंहपुर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने वाराणसी पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही उसके संपर्क में रही अन्य महिलाओं और संभावित पीड़ितों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने फर्जी आईएएस अधिकारी की पहचान बनाकर कितने लोगों से संपर्क किया और कहीं अन्य धोखाधड़ी की घटनाओं को भी अंजाम तो नहीं दिया।




