14 करोड़ की ‘दादी चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज’ बदहाल, राष्ट्रीय शूटर शेफाली तोमर ने उठाए सवाल
नेशनल शूटर शेफाली तोमर ने नोएडा प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ‘दादी चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज’ के बंद और जर्जर हालत में होने को लेकर राष्ट्रीय शूटर शेफाली तोमर ने नोएडा प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई खेल सुविधा उचित रखरखाव के अभाव में बदहाल हो गई है। शेफाली ने सवाल किया कि जब खिलाड़ियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक कैसे जीत पाएंगे।
शेफाली तोमर ने सोशल मीडिया के माध्यम से शूटिंग रेंज की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस सुविधा में आधुनिक टारगेट और आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। रेंज के बंद रहने से नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के निशानेबाजों को प्रशिक्षण के लिए निजी अकादमियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शूटिंग रेंज की समुचित देखरेख नहीं की गई। इससे धीरे-धीरे इसकी हालत खराब होती चली गई। शेफाली ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के लिए लखनऊ जाने की भी बात कही, हालांकि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं मिल सका।
यह शूटिंग रेंज नोएडा के सेक्टर-21ए स्टेडियम में तैयार की गई थी। इसे 10, 25 और 50 मीटर की शूटिंग प्रतियोगिताओं के अनुरूप विकसित किया गया था, ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय अभ्यास की सुविधा मिल सके। वर्ष 2021 में प्रसिद्ध निशानेबाज दादी चंद्रो तोमर के निधन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके सम्मान में नोएडा शूटिंग रेंज का नाम ‘दादी चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज’ रखा था। इसका औपचारिक उद्घाटन जनवरी 2022 में किया गया था।
बागपत की रहने वाली चंद्रो तोमर ने उम्र के 60वें पड़ाव में निशानेबाजी शुरू कर अपनी अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने 30 से अधिक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल कर महिलाओं के प्रति सामाजिक पूर्वाग्रहों को चुनौती दी थी। उनके नाम पर शूटिंग रेंज का नामकरण युवा और महिला खिलाड़ियों को प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था।
शेफाली तोमर का कहना है कि आगामी राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए सरकारी शूटिंग सुविधा का बंद रहना खिलाड़ियों के लिए बड़ी समस्या है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए महंगी निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेना मुश्किल है। ऐसे में शूटिंग रेंज को जल्द शुरू कराने और वहां आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।
शेफाली द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक पक्ष का आधिकारिक जवाब सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस खेल सुविधा के बंद रहने का मुद्दा खिलाड़ियों और खेल जगत के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।




