माता वैष्णो देवी: नवरात्र में दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को बैटरी कार, पोनी और पालकी सेवा मिलेगी मुफ्त
नवरात्र में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार बड़े स्थानों पर चौबीसों घंटे लंगर सेवा चालू रहेगी। त्योहार के दौरान हर श्राइन बोर्ड भोजनालय में भक्तों के लिए स्पेशल नवरात्र व्रत का खाना मिलेगा।

संवाददाता/सुदेश कुमार
कटड़ा,जम्मू। शारदीय नवरात्र के दौरान धर्मनगरी कटड़ा पहुंचने वाले दिव्यांग और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए माता वैष्णो देवी की यात्रा को सुगम बनाने के विशेष इंतजाम किए गए हैं। 11 से 19 अक्तूबर तक चलने वाले नवरात्र पर्व के दौरान दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को कटड़ा से भवन तक बैटरी कार, घोड़ा और पालकी की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा एवं निगरानी, स्वच्छता, चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ निर्बाध पानी और बिजली आपूर्ति तथा आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा मार्ग और कटड़ा नगर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई गई है।
दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को गेट नंबर दो से सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर आठ विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं को यात्रा से संबंधित जानकारी, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति में कटड़ा के पंजीकरण केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
नवरात्र के अवसर पर माता वैष्णो देवी के भव्य भवन को देश-विदेश के आकर्षक फूलों से सजाने की भी विशेष तैयारी की गई है। इसके लिए लगभग पांच करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। विशेष दाताओं के सहयोग से हर वर्ष की तरह इस बार भी माता रानी के मुख्य भवन, प्राचीन गुफा के प्रवेश द्वार, अटका स्थल और कटड़ा से भवन तक के प्रमुख मार्गों को फूलों से सजाया जाएगा।
सजावट के लिए नीदरलैंड और जापान से लिलियम और ट्यूलिप, थाईलैंड और मलेशिया से ऑर्किड, दक्षिण अफ्रीका और यूरोप से ग्लैडियोलस व जरबेरा तथा कोलंबिया और तुर्की से उच्च गुणवत्ता वाले कार्नेशन फूल मंगाए जाते हैं। दक्षिण अमेरिका से एंथुरियम के फूल भी सजावट में शामिल किए जाएंगे। विदेशी फूलों के साथ देश के विभिन्न राज्यों से गेंदा, गुलाब, गुलदाउदी, चमेली और चंपा सहित अनेक पारंपरिक फूलों और मौसमी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा।
भवन और यात्रा मार्ग की भव्य सजावट को अंतिम रूप देने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आए 500 से अधिक पेशेवर कारीगर दिन-रात जुटेंगे। फूलों की आकर्षक सजावट के जरिए मंदिर परिसर को विशेष आध्यात्मिक और भव्य स्वरूप देने की तैयारी है।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग के चार प्रमुख स्थानों पर चौबीसों घंटे लंगर सेवा संचालित रहेगी। श्राइन बोर्ड के भोजनालयों में भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष नवरात्र व्रत का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रा मार्ग को स्वच्छ रखने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
कटड़ा आधार शिविर से लेकर माता के भवन तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जाएगा। संदिग्ध व्यक्तियों और भीड़ पर निगरानी के लिए यात्रियों के पुनः सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूरे यात्रा मार्ग और भवन क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके साथ ही आरएफआईडी आधारित निगरानी व्यवस्था को भी सक्रिय रखा जाएगा, जिससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही पर प्रभावी नजर रखी जा सके।
श्राइन बोर्ड का उद्देश्य नवरात्र के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से माता वैष्णो देवी के दर्शन कर सकें।




