एआई से अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का अंतरराष्ट्रीय गिरोह पकड़ा, चार गिरफ्तार
गाजियाबाद में सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। कनाडा निवासी एनआरआई को फ्रॉड गैंग ने फंसाया और सेक्सटॉर्शन की कोशिश की।

गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस की अपराध शाखा ने साइबर ठगी और अंतरराष्ट्रीय सेक्सटॉर्शन से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लोगों को जाल में फंसाता था और वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से अश्लील वीडियो तैयार करता था। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर रकम की मांग की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा कनाडा के ब्रेम्पटन निवासी एक भारतीय मूल के व्यक्ति की शिकायत के बाद हुआ। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि फेसबुक मैसेंजर के जरिए उससे महिला के नाम से बनाई गई फर्जी प्रोफाइल से संपर्क किया गया। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की गई और उसकी रिकॉर्डिंग से कथित तौर पर अश्लील कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वीडियो तैयार किया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 50 हजार अमेरिकी डॉलर, करीब 48.15 लाख रुपये, की मांग की गई।
शिकायत मिलने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कथित गिरोह के व्यापक नेटवर्क का पता चला। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह वर्ष 2023 से सक्रिय था और अब तक करीब 6 करोड़ 58 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग राज्यों से गिरोह के खिलाफ करीब 40 शिकायतें भी मिली हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के नूंह निवासी मोहम्मद फैसल तथा मुजफ्फरनगर निवासी मोहम्मद अमान त्यागी, मोहम्मद हम्माद त्यागी और मोहम्मद फैजान मलिक के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ठगी की रकम मंगाने के लिए दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। इसके लिए मुजफ्फरनगर क्षेत्र के लोगों से बैंक खाते खरीदे जाते थे और खाताधारकों को इसके बदले करीब 15 हजार रुपये दिए जाते थे।
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपियों द्वारा बैंक खातों की जानकारी व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से साझा की जाती थी। जिस खाते में अधिक शिकायतें आने लगती थीं, उसका इस्तेमाल बंद कर दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, कनाडा के पीड़ित से मांगी गई रकम भी गाजियाबाद के आरडीसी क्षेत्र स्थित एक बैंक खाते में मंगाने की कोशिश की गई थी।
अपराध शाखा के एसीपी अमित सक्सेना के अनुसार, मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार बैंक खाता किट, पांच सिम कार्ड और 2,600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और साइबर नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सामने आए 6 करोड़ 58 लाख रुपये के कथित साइबर फ्रॉड तथा विभिन्न राज्यों से मिली शिकायतों के आधार पर नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने कितने लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।




