रामभक्त होना पाप नहीं… यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री ने किया प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने का ऐलान

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। राम भक्त होना कोई पाप नहीं है। मुझे इस भक्ति पर गर्व है और मुझे इस बात पर भी गर्व है कि मैं प्रभु राम की नगरी का निवासी ही नही वरन मेरी जन्मस्थली और कर्मभूमि भी अयोध्या है। सभी धर्मों के लोगो को अपने अपने इष्ट देवों पर गर्व करना भी चाहिए। यह बातें उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और अयोध्या (फैजाबाद) के पूर्व सांसद रहे निर्मल खत्री ने कही। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अयोध्या आने के निमंत्रण को नकार दिया और प्रदेश कांग्रेस के नेता सरयू में स्नान कर चुके हैं। ऐसे में खत्री ने फेसबुक पर पीले गमछे और माथे पर टीके के साथ अलग ही बात कही है।
निर्मल खत्री ने कहा, ‘रामकथा के पहले रचयिता वाल्मीकि ने लिखा है। उन्होंने लिखा है-“रामो विग्रहवान् धर्म:” अर्थात राम धर्म है और धर्म ही राम। यानी राम जो करते है वह धर्म हो जाता है इससे धर्म की व्याख्या होती है। महात्मा गांधी का राम ,सनातन अजन्मा है। वह आत्मशक्ति का उपासक है वह निर्बल का सहारा है उसकी कसौटी प्रजा का सुख है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं धर्म के पाखंड का विरोधी, धर्म के सहारे राजनीतिक लाभ लेने के हथकंडे का विरोधी हूँ। मैं व्यक्तिगत जीवन मे ना कोई व्रत रखता हूँ और न ही पूजा पाठ। हाँ रामभक्त हनुमान जी का हृदय में स्थान है व उन्ही को रोज याद कर अपना प्रत्येक दिन व्यतीत करता हूँ। ईश्वर के प्रति भक्ति और आस्था मुझमे है।’
‘यह अलग बात है कि अपने जीवन मे मैं कई तीर्थो पर जाकर प्रणाम कर चुका हूँ। –अमरनाथ यात्रा, वैष्णों देवी यात्रा, रामेश्वरम, पुरी जगन्नाथ, नासिक त्रयम्बकेश्वर, काशी विश्वनाथ, श्रीनगर शंकराचार्य मंदिर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगौत्री, हरिद्वार, उज्जैन महाकाल, ओंकारेश्वर, द्वारिका, मथुरा, वृंदावन, सोमनाथ मन्दिर, विघ्नेश्वर मन्दिर, तिरुपति, शिरडी साईबाबा आदि आदि।’ इन बातों को लिखने का तात्पर्य यह है कि अयोध्या में 22 तारीख को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के संदर्भ में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव आदरणीय चम्पत राय जी के व्यक्तिगत निमंत्रण का सम्मान करते हुए मैं इस कार्यक्रम में भाग लूंगा।
चूंकि कांग्रेस पार्टी का ऐसा कोई निर्देश नही है कि कोई कांग्रेसी इस 22 तारीख के कार्यक्रम में भाग न लेवे सिर्फ हमारे सर्वोच्च नेताओं ने ही 22 तारीख के निमंत्रण में आने की असमर्थता व्यक्त की है अतः मैं 22 तारीख के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए इसमें भाग लूंगा। और अब तो प्रदेश कांग्रेस इकाई ने भी 15 तारीख को अयोध्या यात्रा, सरयू में डुबकी, दर्शन करके 22 के निमंत्रण को हर हाल में स्वीकार करने के लिये प्रेरित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरा साहसी नेता राहुल गांधी जी इस देश के लोगों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को उजागर करने और उन्हें यह विश्वास दिलाने कि राहुल गांधी उनके साथ खड़ा है, एक लंबी यात्रा पर मणिपुर से महाराष्ट्र के लिए निकले है अपने प्रिय, निर्भीक, ईमानदार नेता मा. राहुल गांधी जी की यात्रा की सफलता हेतु मैं अपनी मंगलकामनाये अर्पित करता हूँ। किसी भी दल या संगठन की विचारधारा से लड़ाई वैचारिक आधार पर अपने संगठन को मजबूत करके ही कि जा सकती है न की कोई जवाबी।

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