दिल्ली में सफाई अभियान में कबाड़ के बीच मिला कंकाल जैसा ढांचा, स्कूल के कबाड़ से जुड़ा मामला
दिल्ली में एक कबाड़ी की बस्ती से मानव कंकाल मिलने पर हड़कंप मच गया। दरअसल, इस बस्ती में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सफाई अभियान चला रहे थे। इस दौरान ही उन्हें एक डिब्बे के अंदर मानव कंकाल मिला, जब पुलिस ने कबाड़ी से पूछताछ की तो उसने बताया कि ये तो स्कूल के कबाड़े से मिला है।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को चलाए गए सफाई अभियान के दौरान कबाड़ व्यापारी की झुग्गी में एक बक्से के भीतर कंकाल जैसी संरचना मिलने से कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में संरचना के कृत्रिम होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इसके स्रोत और कबाड़ के जरिए वहां तक पहुंचने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
बताया गया कि दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ता ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मध्य दिल्ली में सफाई अभियान चला रहे थे। काली माता मंदिर के आसपास सफाई के दौरान एक कबाड़ व्यापारी की झुग्गी के पास रखे बक्से का ढक्कन हटने पर उसके भीतर कंकाल जैसी संरचना दिखाई दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में कचरा हटाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
कबाड़ व्यापारी मोहम्मद अबरार ने दावा किया कि यह संरचना जुलाई में एक स्थानीय स्कूल से खरीदे गए कबाड़ के साथ आई थी। उसके अनुसार, स्कूल से पुराने कागज, किताबें, अलमारियां, बक्से और प्रयोगशाला की अनुपयोगी सामग्री कबाड़ के रूप में लाई गई थी। अबरार का कहना है कि बक्से के अंदर कंकाल जैसी संरचना दिखाई देने के बावजूद उन्होंने इसे स्कूल की प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाला शैक्षणिक उपकरण समझकर वहीं छोड़ दिया।
अबरार ने यह भी कहा कि स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि कबाड़ उन्हें कब और किस प्रक्रिया के तहत दिया गया था। उनका दावा है कि इलाके के लोगों को भी जानकारी थी कि यह सामान स्कूल के कबाड़ के साथ आया था। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि ऐसी वस्तु मिलने के बाद अधिकारियों को तत्काल सूचना दी जानी चाहिए थी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में स्कूल से कबाड़ के संबंध की पुष्टि के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित स्कूल ने पुराने परिसर की अनुपयोगी सामग्री को जुलाई में कबाड़ के रूप में हटाया था। फॉरेंसिक टीम के प्रारंभिक आकलन में बक्से में मिली संरचना की हड्डियां कृत्रिम बताई गई हैं और इसे शैक्षणिक उद्देश्य से इस्तेमाल होने वाला मॉडल माना जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल किसी आपराधिक घटना से जुड़े संकेत मिलने की बात नहीं कही है।
घटना के बाद पुलिस ने कबाड़ व्यापारी और संबंधित स्कूल प्रशासन से जानकारी जुटाई है। पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संरचना स्कूल से कबाड़ के साथ किस तरह बाहर आई और उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता था।




