जेन-जी और जेन अल्फा के लिए नए कलेवर में आएगी गीता, रोमन लिपि के साथ हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद भी
गीता प्रेस जेन-जी और जेन अल्फा के लिए एक नया संस्करण तैयार कर रहा है। इसमें संस्कृत श्लोकों का रोमन रूपांतरण और रंगीन चित्र शामिल होंगे। यह पुस्तक कर्मयोग के पथ पर नई पीढ़ी को प्रेरित करने में सहायक होगी। गीता प्रेस का उद्देश्य सनातनी संस्कृति से युवाओं को जोड़ना है।

गोरखपुर,उत्तर प्रदेश। धार्मिक और सनातन साहित्य के प्रकाशन के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला गीता प्रेस अब नई पीढ़ी को सनातन साहित्य से जोड़ने के उद्देश्य से श्रीमद्भगवद्गीता का विशेष संस्करण प्रकाशित करने जा रहा है। साहित्य की नगरी गोरखपुर स्थित गीता प्रेस की ओर से तैयार किए जा रहे इस संस्करण में पारंपरिक संस्कृत श्लोकों के साथ उनका रोमन लिपि रूपांतरण और हिंदी तथा अंग्रेजी अनुवाद भी दिया जाएगा। रंगीन चित्रों के माध्यम से श्लोकों के प्रसंग और भाव को समझाने का भी प्रयास किया जाएगा।
गीता प्रेस प्रबंधन के अनुसार, इस विशेष संस्करण का उद्देश्य नई पीढ़ी, विशेषकर जेनरेशन जेड और जेनरेशन अल्फा, को सनातन साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है। आधुनिक तकनीक के दौर में नई पीढ़ी के बदलते पढ़ने के तरीके को ध्यान में रखते हुए पुस्तक को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि संस्कृत से परिचित न होने वाले पाठक भी श्लोकों को रोमन लिपि में पढ़ सकें और उनके अर्थ को हिंदी तथा अंग्रेजी अनुवाद के माध्यम से समझ सकें।
गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी के अनुसार, गीता के प्रकाशन को लेकर इस प्रकार की पहल पहली बार की जा रही है। विशेष संस्करण के प्रत्येक पृष्ठ पर संस्कृत श्लोक के साथ उसका रोमन रूप, हिंदी अनुवाद और अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध होगा। इसके साथ ही संबंधित प्रसंग को समझाने के लिए रंगीन चित्रों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पाठक श्लोकों के भाव और उनके संदर्भ को सहजता से समझ सकें।
प्रबंधन के अनुसार, यह विशेष संस्करण करीब 240 पृष्ठों का होगा और इसे आर्ट पेपर पर प्रकाशित किया जा रहा है। इसकी पहली खेप में तीन हजार प्रतियां प्रकाशित की जा रही हैं। पाठकों की मांग के अनुसार आगे इसकी प्रतियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। गीता प्रेस इससे पहले लगभग 25 भाषाओं में गीता का प्रकाशन कर चुका है।
लालमणि तिवारी ने बताया कि संस्कृत श्लोकों के रोमन लिपि रूपांतरण के साथ हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध होने से पाठकों को गीता को पढ़ने और समझने में सुविधा होगी। गीता प्रेस का मानना है कि इस विशेष संस्करण के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा और सनातन साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया जा सकेगा। पुस्तक जल्द ही पाठकों के लिए उपलब्ध होने की तैयारी में है।




