अंडे के छिलकों से मजबूत कंक्रीट! शोध में सीमेंट के विकल्प की नई संभावना

रिसर्चर्स ने अंडे के छिलकों के कचरे को पीसकर पाउडर बनाया और कंक्रीट के एक बैच में सीमेंट की जगह उस पाउडर का इस्तेमाल किया। रिजल्ट में ये सीमेंट से ज्यादा मजबूत मिला है।

वॉशिंगटन,एजेंसी। अंडे के छिलके, जिन्हें आमतौर पर कचरा समझकर फेंक दिया जाता है, अब निर्माण क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकते हैं। एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अंडे के छिलकों को सुखाकर और बारीक पीसकर तैयार पाउडर का इस्तेमाल कंक्रीट में किया। अध्ययन के अनुसार, सीमेंट की जगह एक निश्चित मात्रा में अंडे के छिलके का पाउडर मिलाने से कंक्रीट की मजबूती में वृद्धि देखी गई।
शोध में कंक्रीट तैयार करते समय सीमेंट की मात्रा को कम कर करीब 10 प्रतिशत हिस्से की जगह अंडे के छिलके का पाउडर इस्तेमाल किया गया। परीक्षण में पाया गया कि इस मिश्रण से तैयार कंक्रीट का नमूना बिना अंडे के छिलके वाले सामान्य कंक्रीट की तुलना में दरार पड़ने से पहले अधिक भार सहन कर सका। हालांकि, शोध में यह भी पाया गया कि अंडे के छिलके के पाउडर की मात्रा 10 प्रतिशत से अधिक होने पर मजबूती बढ़ने के बजाय कम होने लगी।
शोधकर्ताओं के अनुसार अंडे के छिलकों में मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट पाया जाता है। यह वही प्रमुख रासायनिक पदार्थ है जो सीमेंट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले चूना पत्थर में भी पाया जाता है। इसी समानता के कारण अंडे के छिलके का पाउडर कंक्रीट में सीमेंट के आंशिक विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना पर अध्ययन किया जा रहा है।
अध्ययन में बताया गया है कि अंडे के छिलकों का उपयोग निर्माण सामग्री में करने से कचरा प्रबंधन के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करने की संभावना है। यदि सीमेंट के एक हिस्से को ऐसे अपशिष्ट पदार्थ से बदला जा सके, तो इसके लिए कम मात्रा में चूना पत्थर की आवश्यकता होगी। इससे सीमेंट निर्माण के दौरान होने वाली ऊर्जा खपत और उत्सर्जन में भी संभावित कमी लाई जा सकती है।
शोधकर्ताओं ने हालांकि स्पष्ट किया कि अंडे के छिलके के पाउडर की मात्रा का संतुलन महत्वपूर्ण है। अध्ययन के अनुसार 10 प्रतिशत से अधिक मात्रा में पाउडर मिलाने पर मिश्रण में सूक्ष्म रिक्त स्थान बढ़ने और सामग्री के बीच बंधन कमजोर होने के कारण कंक्रीट की मजबूती घट गई। ऐसे में निर्माण क्षेत्र में इसके व्यापक उपयोग से पहले अलग-अलग परिस्थितियों में इसकी मजबूती, टिकाऊपन और सुरक्षा का विस्तृत परीक्षण जरूरी होगा।
अध्ययन के निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि अंडे के छिलके जैसे जैविक अपशिष्ट को निर्माण सामग्री में उपयोग करने की दिशा में संभावनाएं मौजूद हैं। इससे एक ओर कचरे के उपयोग का रास्ता खुल सकता है, वहीं दूसरी ओर सीमेंट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्राकृतिक संसाधनों और उससे जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

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