फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन: बिजली-पानी की समस्या पर धरना, व्यवस्था सुधार की मांग तेज

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जिले के किशनपुर कस्बा स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं विद्यालय की कथित अव्यवस्थाओं के विरोध में एकजुट होकर धरने पर बैठ गए। बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से आक्रोशित छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से विद्यालय में बिजली की अनियमित आपूर्ति और स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिना बिजली के कक्षाओं में पढ़ाई करना कठिन हो रहा है, जबकि पर्याप्त पेयजल व्यवस्था के अभाव में छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरने पर बैठे छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों को बाधित करना नहीं, बल्कि पढ़ाई के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराना है। उनका कहना था कि जब तक विद्यालय में बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होंगी, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। छात्रों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की है।
प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और छात्रों ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक विद्यालय प्रबंधन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
गौरतलब है कि शैक्षणिक संस्थानों में बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं विद्यार्थियों का अधिकार हैं। यदि छात्रों द्वारा उठाई गई शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो उनका त्वरित समाधान आवश्यक है। साथ ही छात्रों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाएं, ताकि शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं विद्यालय प्रबंधन से अपील की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यालय में सुचारु एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण स्थापित हो सके।





