पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत, JAAC ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान, रावलकोट में विरोध तेज
पीओके में प्रदर्शनकारियों ने आम लोगों से आगामी चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है, वे मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लें। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान और पीओके की सरकार से लिखित आश्वासन की मांग की है।

रावलकोट/पाकिस्तान। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आगामी विधानसभा चुनावों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान करते हुए इसे “धोखा” करार दिया है। संगठन ने रावलकोट में बड़े प्रदर्शन की घोषणा की है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, रावलकोट इस समय पीओके में विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है, जबकि मुजफ्फराबाद, पुंछ समेत अन्य क्षेत्रों और विदेशों में रह रहे कश्मीरियों से भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। JAAC ने लोगों से अपील की है कि वे इस जनआंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।
JAAC के नेताओं का कहना है कि जब तक क्षेत्र की लंबे समय से लंबित संवैधानिक और राजनीतिक मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक चुनावों को निष्पक्ष और विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने पीओके विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों का भी विरोध जताया है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए बिना चुनाव का कोई औचित्य नहीं है।
आंदोलनकारियों ने पाकिस्तान समर्थित स्थानीय सरकार को चेतावनी दी है कि वे अब केवल मौखिक आश्वासनों या “राजनीतिक खेल” को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को ठोस और लिखित आश्वासन देना होगा।
प्रदर्शनकारियों ने अक्तूबर 2025 में हुए मुजफ्फराबाद समझौते को लागू करने की मांग दोहराई है। साथ ही, 5 जून से 26 जून के बीच किए गए वादों को लेकर औपचारिक अधिसूचना जारी करने की भी मांग उठाई है। JAAC का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



