जयपुर में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ की ऐतिहासिक रैली, गौ-संरक्षण को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने का आह्वान

गौ-माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने और पूर्ण गौ-हत्या प्रतिबंध की मांग को लेकर जयपुर के मानसरोवर में विशाल रैली निकाली गई। 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत देश के सभी 790 जिलों में एक साथ यह प्रदर्शन हुआ।

जयपुर/एजेंसी। राजस्थान की राजधानी जयपुर सोमवार को एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक और सामाजिक जागरण का केंद्र बन गई, जब ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत हजारों लोगों ने विशाल रैली निकालकर गौ-संरक्षण के समर्थन में एकजुटता दिखाई। ढोल-मृदंग, शंखनाद और भक्ति गीतों के बीच केसरिया ध्वज लहराते श्रद्धालुओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रमुख आधार है।
मानसरोवर स्थित वी.टी. रोड ग्राउंड से शुरू हुई यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। रैली में विभिन्न संप्रदायों के संत-महात्मा, गौसेवक और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सुसज्जित गायों और बछड़ों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। शिप्रा पथ और वी.टी. रोड क्षेत्र ‘गौ माता की जय’ के नारों से गूंज उठे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
अभियान के मुख्य आयोजक ताराचंद कोठारी ने बताया कि गौ-संरक्षण को लेकर देशभर में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अप्रैल में आयोजित रैली के बाद यह दूसरा बड़ा आयोजन है, जिसने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा दी है। उनके अनुसार, अब तक लगभग 40 करोड़ लोगों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र महामहिम राष्ट्रपति के नाम भेजे जा चुके हैं।
आयोजकों ने बताया कि जिला कलेक्टरों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर दो प्रमुख मांगें रखी जा रही हैं—गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाए तथा देशभर में गौ-हत्या पर पूर्ण और प्रभावी वैधानिक प्रतिबंध लागू किया जाए।
मंच पर उपस्थित संतों ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक पहचान गौ-माता से गहराई से जुड़ी है, जबकि दूसरी ओर व्यावसायिक कत्लखानों में गोवंश की हत्या चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में सख्त केंद्रीय कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जयपुर से उठी यह आवाज अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंज बनकर उभर रही है, जो आने वाले समय में नीति निर्माण को प्रभावित कर सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button