मकोका केस में स्टिंग विडियो बना ट्रैफिक पुलिसवालों से उगाही करने में शामिल ‘पत्रकार’ गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से कथित उगाही मामले में शान मोहम्मद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह राजू मीणा गिरोह के लिए स्टिंग वीडियो बनाता था। मकोका के तहत यह मामले में छठी गिरफ्तारी है।

नई दिल्ली। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर संगठित तरीके से उगाही करने वाले गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुंदर नगरी निवासी शान मोहम्मद (36) के रूप में हुई है। महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत दर्ज इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है।
पुलिस के अनुसार, शान मोहम्मद गिरोह के लिए ‘स्टिंग’ वीडियो तैयार करने का काम करता था और इन्हीं वीडियो के जरिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को डराकर उगाही में सक्रिय भूमिका निभाता था। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उसे पहले जांच में शामिल होने का नोटिस दिया गया था और उसने एक बार जांच में भाग भी लिया, लेकिन पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने और जांच को गुमराह करने की कोशिश की।
जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर उसे मकोका की धारा 3 के तहत, यानी आपराधिक गिरोह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। क्राइम ब्रांच ने 8 दिसंबर 2025 को इस गिरोह के सरगना राजकुमार उर्फ राजू मीणा के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज किया था।
इस मामले में अब तक मास्टरमाइंड राजकुमार उर्फ राजू मीणा, मुकेश कुमार उर्फ पकौड़ी, संजय गुप्ता, जीशान अली और राजू मीणा की पत्नी सुरेखा रानी को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी न्यायिक हिरासत में हैं। महिला पुलिसकर्मियों ने भी इस गिरोह पर यौन शोषण से जुड़े आरोप लगाए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शान मोहम्मद ने खुद को एक नामी न्यूज चैनल का स्ट्रिंगर और एक स्थानीय चैनल का एडिटर बताया है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। वर्ष 2017 में प्रीत विहार थाने में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से दो लाख रुपये की मांग का एक मामला भी दर्ज हुआ था, जिसमें शान, उसके भाई इरशाद खान समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उस समय मौके पर पकड़े गए आरोपी शाहरुख ने भी राजू मीणा का नाम लिया था, हालांकि उसे उस केस में आरोपी नहीं बनाया गया था।
पुलिस ने बताया कि मकोका के तहत सरगना राजू मीणा समेत तीन आरोपियों के खिलाफ पिछले महीने अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जांच में यह सामने आया है कि गिरोह ने पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली का संगठित नेटवर्क खड़ा कर रखा था। अब तक की जांच में करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति और नकदी का पता चला है।
गिरोह के सदस्य ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को छोटी रकम लेने के लिए उकसाते थे और फिर छिपे कैमरों से उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर लेते थे। इसके बाद उन्हीं वीडियो के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली जाती थी। फिलहाल इस पूरे मामले की गहन जांच जारी है।




