एसबीआई कैशियर पर 90 हजार रुपये हड़पने का आरोप, पुलिस अधीक्षक से की शिकायत

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। करारी थाना क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में कैशियर पर एक ग्राहक के 90 हजार रुपये कथित रूप से हड़पने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी को तहरीर देकर पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर मामले की वास्तविकता सामने लाने की मांग भी की है।
शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार त्रिपाठी के अनुसार, वह 27 अगस्त को भारतीय स्टेट बैंक की करारी शाखा से 1.70 लाख रुपये निकालने के लिए पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बैंक में निकासी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कैशियर की ओर से उन्हें केवल 80 हजार रुपये की रकम दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने पूरी 1.70 लाख रुपये की राशि मांगी तो कैशियर ने कथित तौर पर शेष 90 हजार रुपये देने से इनकार कर दिया।
प्रमोद कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, उन्होंने बैंक स्तर पर मामले को लेकर अपनी बात रखने का प्रयास किया, लेकिन जब उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी से शिकायत की। तहरीर में उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बैंक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए घटना के समय की रिकॉर्डिंग की जांच कराने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि बैंक में निकासी के दौरान कितनी राशि उन्हें दी गई और पूरे घटनाक्रम में क्या हुआ।
मामले के सामने आने के बाद बैंक शाखा में हुई कथित घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, फिलहाल कैशियर पर लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता की ओर से किए गए दावे हैं। आरोपों की वास्तविकता, घटना के दौरान लेन-देन की स्थिति और कथित तौर पर शेष राशि दिए जाने या न दिए जाने की पुष्टि पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की गंभीरता से जांच कराकर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 90 हजार रुपये की कथित राशि के संबंध में वास्तव में क्या स्थिति थी और इस मामले में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं।





