झारखंड से बरेली ले जा रहे एक करोड़ की अफीम के साथ एक महिला सहित पांच गिरफ्तार

गाजियाबाद। झारखंड से ट्रेन में रखकर गाजियाबाद लाए एक करोड़ कीमत की अफीम को ईको कार में रखकर बरेली ले जा रहे अंतरराज्यीय गिरोह का क्राइम ब्रांच ने रविवार को पर्दाफाश किया है। ये दिल्ली एनसीआर समेत आसपास के जिलों में अफीम की तस्करी करते हैं। पुलिस ने गिरोह के पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। ये पांच किलोग्राम अफीम बरेली ले जा रहे थे।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए तस्कर झारखंड के लातेहार बेसरा निवासी विनोद गुप्ता, बरेली के अलीगंज निवासी श्याम बिहारी, बरेली के आंवला निवासी गवेंद्र, बदांयू के अलापुर निवासी देवेंद्र और एक महिला है। महिला विनोद गुप्ता की बहन है और विनोद गुप्ता गिरोह का सरगना है। विनोद झारखंड में ई-रिक्शा चलाता है।पूछताछ में तस्करों ने बताया कि ये झारखंड के रांची से अफीम की तस्करी करते हैं। डिमांड आने पर ये लोग एडवांस रुपये लेकर अपने खातों में ट्रांसफर कराकर अफीम को ट्रेन, कार व अन्य साधनों से तय स्थान पर पहुंचाते हैं। एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह के तस्करों से पूछताछ की गई है। इनके गिरोह में शामिल अन्य तस्करों के बारे में जानकारी की जा रही है। साथ ही जिन लोगों को ये माल की सप्लाई करते हैं उनकी तलाश के लिए भी टीमें दबिश दे रही हैं।
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दकी ने बताया कि पूछताछ में सरगना विनोद ने बताया कि ऑर्डर सप्लाई करने के लिए वह जब रांची से निकलते हैं तब वेे सभी अपने मोबाइल फोन बंद कर लेते हैं और रास्ते में कहीं भी बिना रुके पूरा रास्ता तय करते हैं। तस्कर श्याम बिहारी ने बताया कि वह अपने जूते-चप्पल के काम के साथ मादक पदार्थों की तस्करी करने का भी काम करता है। वह विनोद को माल का ऑर्डर देता है और उससे लेने के बाद वह अपने साथी गवेंद्र के साथ मिलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सप्लाई करते हैं। कार मालिक देवेंद्र ने बताया कि वह इनके साथ पहले भी कई बार इनका माल लेकर गया है। इस काम का उसे ये लोग करीब 50 हजार रुपये तक देते हैं।




