दहेज हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा फरलो जंपर गिरफ्तार
दहेज हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा फरलो जंपर देवेंद्र सिंह गिरफ्तार। वह 2024 में 14 दिन की फरलो पर जेल से बाहर आने के बाद वापस नहीं लौटा था और दो साल से अधिक समय से फरार था। अपराध शाखा की टीम ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर उसे स्वरूप नगर स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया। कार्रवाई इंस्पेक्टर पुखराज के नेतृत्व में, एसीपी अशोक शर्मा के मार्गदर्शन और डीसीपी चंद्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में की गई।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड
दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एनआर-1 इकाई ने दहेज हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे और फरलो से वापस जेल नहीं लौटे दोषी देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह दो साल से अधिक समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए इस दौरान कई बार अपना ठिकाना बदलता रहा। देवेंद्र सिंह को सरिता विहार थाने में दर्ज दहेज हत्या के मामले में वर्ष 2012 में कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, देवेंद्र सिंह के खिलाफ सरिता विहार थाने में वर्ष 2009 में भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए और 304बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आठ फरवरी 2024 को जेल प्रशासन ने उसे 14 दिन की फरलो मंजूर की थी। फरलो की अवधि समाप्त होने के बाद उसे संबंधित जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा और फरलो से फरार हो गया।
मामला छह सितंबर 2009 का है। मृतका के भाई पप्पू सिंह अपनी बहन के घर पहुंचे थे, जहां उन्होंने उसे शरीर पर कई चोटों के साथ पाया। चोटों के बारे में पूछने पर आरोपी ने कथित तौर पर उसकी बहन के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की बात कही। इसके बाद आरोपी अपनी पत्नी को छत पर ले गया और उसे छत से नीचे धक्का दे दिया। महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। मुकदमे की सुनवाई के बाद निचली अदालत ने उसे कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वर्ष 2024 में फरलो मिलने के बाद वह निर्धारित अवधि पूरी होने पर जेल नहीं लौटा और फरार हो गया।
अपराध शाखा को आरोपी के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर पुखराज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में उपनिरीक्षक राहुल, उपनिरीक्षक निरंजन सिंह, हेड कांस्टेबल मुकेश और हेड कांस्टेबल विक्रांत शामिल थे। सहायक पुलिस आयुक्त अशोक शर्मा की निगरानी में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल मुकेश ने मैदानी सूत्रों और तकनीकी विश्लेषण की मदद से आरोपी की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई। छह सितंबर 2026 को स्वपरूप नगर इलाके में देवेंद्र सिंह की मौजूदगी की विशेष सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर उसे स्वपरूप नगर स्थित एक किराये के मकान से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, देवेंद्र सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा जिले के नगला मठी गांव का रहने वाला है। वह विवाहित है और उसका एक वर्ष का बेटा है। उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। उसने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। वर्ष 2024 में फरलो मिलने के बाद वह पहले दिल्ली के लिबासपुर इलाके में रहा और जनवरी तक वहीं रहा। इसके बाद उसने स्वरूप नगर में ठिकाना बना लिया, जहां से गिरफ्तारी तक रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह आजीविका के लिए ऑटो रिक्शा चलाता था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त चंद्र कुमार सिंह ने मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर पुखराज के नेतृत्व में गठित टीम ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अशोक शर्मा के मार्गदर्शन तथा अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) चंद्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में अंजाम दी गई ।




