एशिया का सबसे बड़ा मार्केट सदर बाजार बना समंदर! जलजमाव से व्यापारियों का करोड़ों का सामान बर्बाद
एशिया के बड़े बाजारों में शामिल सदर बाजार में मानसून की पहली बारिश से कमर तक जलजमाव हो गया है, जिससे सैकड़ों दुकानों में सीवर का पानी घुस गया और लाखों का सामान बर्बाद हो गया है।

नई दिल्ली। एशिया के सबसे बड़े और व्यस्त बाजारों में शुमार सदर बाजार में मानसून की पहली ही बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। हल्की से मध्यम बारिश के बाद ही बाजार के अधिकांश हिस्सों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। सड़कों से लेकर संकरी गलियों तक दो से तीन फीट तक जलजमाव होने से लोगों का आवागमन लगभग ठप हो गया है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सैकड़ों दुकानों में सीवर का गंदा पानी घुस गया, जिससे लाखों रुपये का माल खराब हो गया। व्यापारियों के अनुसार, जलभराव के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है और कारोबार महज 20 प्रतिशत तक सिमटकर रह गया है। दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, वहीं ग्राहकों को भी कीचड़ और गंदे पानी के बीच खरीदारी करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बाजार संगठन फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। फेस्टा के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा कि यह समस्या हर वर्ष मानसून के दौरान सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए न तो सरकार और न ही संबंधित सिविक एजेंसियां कोई ठोस कदम उठाती हैं। उन्होंने बताया कि मई माह से ही जलनिकासी की समस्या को लेकर दिल्ली सरकार और नगर निकायों को लगातार आगाह किया जा रहा था, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने सदर बाजार की स्थिति और भी खराब कर दी है। जलभराव और कीचड़ के कारण न केवल व्यापार प्रभावित हुआ है, बल्कि यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। फिसलन भरी सड़कों पर कई लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि गंदे पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ गए हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से राहत कार्य शुरू करने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।





