तेज बारिश में डूबा कटड़ा, जलभराव से सड़कों की बदहाली उजागर; नगर निगम की व्यवस्थाओं की खुली पोल
कटड़ा में तेज मानसूनी बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया, जिससे नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। क्षतिग्रस्त सड़कों और जाम नालों के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

संवाददाता/सुदेश कुमार
कटड़ा/जम्मू। मानसून की तेज बारिश ने कटड़ा नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई, जिससे आमजन और यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। काउंटर नंबर-2 से मुख्य अस्पताल जाने वाला मार्ग और उधमपुर रोड सबसे अधिक प्रभावित रहे, जहां सड़क पर भरे पानी और गड्ढों ने आवागमन को जोखिम भरा बना दिया।
काउंटर नंबर-2 से मुख्य अस्पताल मार्ग पहले से ही क्षतिग्रस्त हालत में है। बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं दिए, जिससे दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और पैदल चलने वालों के लिए चलना खतरे से खाली नहीं रहा। कई स्थानों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही।
उधर, उधमपुर रोड पर सड़क किनारे बने नालों के जाम होने से बारिश का पानी सड़कों पर फैल गया। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी ही देर की बारिश में जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित रहा।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि हर वर्ष बरसात से पहले नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। दुकानों के बाहर पानी जमा होने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ा है।
राहगीरों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत कर दी जाती, तो इस तरह की परेशानी से बचा जा सकता था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि काउंटर नंबर-2 से मुख्य अस्पताल मार्ग तथा उधमपुर रोड की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, जाम पड़े नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कटड़ा में देश-विदेश से मां वैष्णो देवी के श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में मूलभूत सुविधाओं का दुरुस्त होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि बारिश के दौरान किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।




