फतेहपुर में विवादित मकबरे पर पूजन करने गई 21 महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। फतेहपुर जिले में विवादित मंदिर-मकबरे में विवाद गहरा गया है। बुधवार की देर शाम विवादित स्थल के बैरिकेड्स के पास 50 से अधिक महिलाएं पहुंच गईं। वे देव दीपावली पर पूजा-पाठ और आरती करने पहुंची थी। इस दौरान सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने महिलाओं से यहां पर ऐसा न कर अपने-अपने घरों में पूजा करने की बात कही। महिलाओं की संख्या को देखते हुए शीर्ष अधिकारियों को सूचना दी। वहीं, तैनात पुलिसकर्मियों से सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय थाना पुलिस भी पहुंची और महिलाओं को काफी समझाने का प्रयास किया।
हालांकि, महिलाएं विवादित स्थल पर ही पूजा करने की जिद पर अड़ी रहीं। इस बीच महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प हो गई। आरोप है कि महिलाओं ने पुलिस वालों से गाली-गलौच कर बदसलूकी भी की। इसके बाद पुलिस ने भाजपा नेता पप्पू सिंह चौहान की पत्नी के साथ 20 अज्ञात महिलाओं पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के अबू नगर रेडय्या मोहल्ला स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने मंगी मकबरे को ठाकुरद्वारा मंदिर बताते हुए बीते 7 अगस्त को मठ मंदिर संघर्ष समिति ने उक्त स्थल पर सफाई करने के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपा था। प्रशासन ने दो समुदायों से जुड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमति नहीं दी थी।
बावजूद इसके भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल की अपील पर 11 अगस्त को शहर के कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर हिंदू संगठनों के हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। इसके बाद विवादित मकबरा पहुंची और सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में बैरिकेडिंग तोड़कर मकबरे के अंदर घुसकर तोड़फोड़ कर भगवा परचम लहरा दिया था। इससे दो समुदायों के बीच माहौल तनाव पूर्ण हो गया था।
मामले में भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला, आशीष त्रिवेदी, पप्पू सिंह चौहान, धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, प्रसून तिवारी, रितिक पाल, विनय तिवारी, पुष्पराज पटेल, रिंकू लोहारी, दलित एवं देवनाथ धाकड़े कब साथ 160 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद मकबरे की सुरक्षा के लिए पास में ही अस्थायी पुलिस चौकी बनाकर मकबरे को चारों तरफ से 20 फीट की दूर से बैरिकेडस किया गया है।

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