आजमगढ़ में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 9.63 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार

आजमगढ़ में रेलवे में टीटीई की नौकरी दिलाने के नाम पर 9.63 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी अमित कुमार श्रीवास्तव उर्फ दीपक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने फर्जी आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र और नोटरी दस्तावेज का इस्तेमाल कर पीड़ित को गुमराह किया, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। कंधरापुर थाना की पुलिस ने रेलवे में टीटीई पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान अमित कुमार श्रीवास्तव उर्फ दीपक निवासी कमला नगर कालोनी थाना लालपुर पांडेयपुर जिला वाराणसी के रूप में हुई है। पीड़ित ने आरोपित पर लंबे समय से फर्जी आइकार्ड, नियुक्ति पत्र और नोटरी दस्तावेज तैयार कर गुमराह का भी आरोप लगाया है। वहीं इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। कंधरापुर थाना क्षेत्र निवासी जनार्दन यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह एक स्कूल संचालित करते हैं।
उनके यहां बिलरियागंज थाना क्षेत्र के फूलवरिया गांव निवासी दिवाकर नामक व्यक्ति आया और खुद को रेलवे के बड़े अधिकारियों के साथ उठने बैठने की बात कहते अपने झांसे में लिया। उसने बेटे अमन की टीटीई पद पर भर्ती कराने का भरोसा दिया। आरोपति दिवाकर ने गुफरान, संदीप, दिनेश, मुकेश, दीपक और प्रशांत समेत कई लोगों को रेलवे वाराणसी व प्रयागराज में बड़े पदों पर तैनात अधिकारी बता कर संपर्क कराया।
पीड़ित जनार्दन ने बताया कि आरोपितों ने महा प्रबंधक कोटा से बेटी की भर्ती कराने का दावा करते हुए चरणबद्ध तरीके से रुपये मांगने शुरू कर दिए। शुरुआत में गुफरान के कहने पर पत्नी निशा के खाते से एक लाख 93 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। बाद में संदीप ने फोन कर नौकरी लगने की बात कहते हुए अपनी पत्नी प्रगति के खाते में 13 हजार रुपये मंगवाए।
इसके अलावा 43 हजार रुपये का मोबाइल फोन लिया गया और परिचित श्रीकांत पांडेय के खाते में 15,500 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। आरोपित दीपक पीड़ित को प्रयागराज ले गया और नौकरी के कागजात दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये नकद ले लिए। इसके साथ ही पांच लाख रुपये का चेक भी अपने नाम से ले लिया गया। बाद में पीड़ित को टीटीई का फर्जी आइकार्ड थमा कर कहा कि जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। वहीं, दिनेश ने नियुक्ति पत्र देने के नाम पर दो लाख रुपये नकद ले लिए।
काफी समय बीतने के बाद भी नियुक्ति न होने पर पीड़ित को संदेह हुआ और जांच करने पर पता चला कि भर्ती प्रक्रिया ही फर्जी थी। जब पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए हत्या कराने की धमकी दी। आरोप है कि संदीप ने 100 रुपये के स्टांप पेपर पर फर्जी नोटरी तैयार कर ली, जिसमें पीड़ित की फेसबुक फोटो और फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया।
नोटरी के जरिए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। इस मामले में कंधरापुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। गुरुवार को पुलिस ने मुख्य आरोपित अमित कुमार श्रीवास्तव उर्फ दीपक को भंवरनाथ-वाराणसी हाइवे तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। वहीं फरार अन्य आरोपतों के गिरफ्तार की पुलिस दबिश दे रही है।

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