पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर गिरफ्तार, अमृतसर डीएम गगनदीप सिंह रंधावा सुइसाइड केस में बड़ा अपडेट

चंडीगढ़/एजेंसी। पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (पीडब्ल्यूसी) के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश के बाद फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने की है। पुलिस ने अमृतसर में कहा कि भुल्लर को फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोविंदगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। उन्हें मंडी गोविंदगढ़ से अमृतसर ले आया गया है। भुल्लर को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर दावा किया कि उन्होंने सरेंडर किया है न कि पंजाब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। रंधावा की मौत के पीछे पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर प्रताड़ना और मानसिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे थे।
मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब मृतक द्वारा आत्महत्या से पहले बनाया गया एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में रंधावा ने कथित तौर पर अपनी परेशानी के लिए पूर्व मंत्री का नाम लिया था। इसके बाद परिजनों ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए भुल्लर पर उत्पीड़न, धमकी और मानसिक दबाव बनाने के आरोप लगाए। परिजनों की शिकायत और सामने आए वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर अब पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की गई है। इस कार्रवाई के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
लालजीत सिंह भुल्लर ने गिरफ्तारी से पहले फेसबुक पर एक पोस्ट करके कहा कि वह मंडी गोबिंदगढ़ में आत्मसमर्पण कर रहे हैं और भागने की अफवाहों को भी खारिज किया। उन्होंने लिखा, ‘मेरे भागने की अफवाहें फैलाई जा रही थीं, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मैं कभी सच्चाई से नहीं भागूंगा। मुझे देश के कानून पर पूरा भरोसा है और न्याय व्यवस्था पर भी मेरा अटूट विश्वास है। मैं कहीं भागा नहीं हूं, मैं अपने पंजाब में ही हूं। सत्य और न्याय में विश्वास रखते हुए, मैं मंडी गोबिंदगढ़ में आत्मसमर्पण कर रहा हूं।’
वीडियो में गगनदीप सिंह रंधावा को यह कहते सुना गया, ‘खा लयी सल्फास तुहाडे यार ने। मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों। हुण नहीं मैं बचना (तुम्हारे दोस्त ने सल्फास खा लिया है, मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से। अब मैं नहीं बचूंगा)।’
टेंडर आवंटन को लेकर था विवाद
रंधावा की पत्नी कौर ने पुलिस में दर्ज करायी गई अपनी शिकायत में दावा किया कि उनके पति पर भुल्लर के पिता को गोदाम का एक टेंडर आवंटित करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई थी। उनके पति ने उन्हें बताया था कि उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा है कि वे किसी भी परिस्थिति में भुल्लर के पिता के नाम पर निविदा को मंजूरी दिलवाएं। रंधावा की पत्नी कौर ने अपनी शिकायत में कहा है कि भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके सहायक दिलबाग सिंहने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर निविदा सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर स्वीकृत नहीं हुई, तो रंधावा और उनके परिवार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
प्राथमिकी के अनुसार, 13 मार्च को रंधावा को पट्टी स्थित भुल्लर के आवास पर बुलाया गया, जहां उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया और मारपीट की गई। कौर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति को बंदूक का भय दिखाकर यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया कि उन्होंने गोदाम की निविदा किसी अन्य पार्टी को आवंटित करने के लिए 10 लाख रुपये लिये।
गगनदीप सिंह रंधावा की पत्नी ने दिया था अल्टिमेटम
सोमवार को ही गगनदीप सिंह रंधावा की पत्नी ने कहा था कि 21 मार्च को उनकी मौत हुई थी, लेकिन आज 23 तारीख हो चुकी है और इस मामले में कुछ नहीं हुआ है। हमारी मांग थी कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ तो हम अपने बच्चों को साथ लेकर सड़कों पर उतरेंगे। हम लोग भी अपनी कुर्बानी देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर पंजाब सरकार हमारी बात नहीं सुनती है तो हम सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
बेटी ने भी पुलिस पर उठाए थे सवाल
गगनदीप सिंह रंधावा की बेटी ने कहा था कि वे (आरोपी पक्ष) कहते हैं कि आरोप बेबुनियाद हैं। इसमें कोई सबूत नहीं है। लेकिन मेरे पापा की मौत के मामले में पुख्ता सबूत हैं। उन्हें ऑफिशियल नंबर से 10 बार कॉल आई थी। इसकी टेक्निकल और फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए, जिससे सारी चीजें सामने आ जाएंगी। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें जमानत भी नहीं मिलनी चाहिए।




