वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को 520 करोड़ का झटका: भक्तों द्वारा चढ़ाई गई नकली चांदी में मिले कैंसरकारी तत्व

वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को भक्तों द्वारा चढ़ाई गई चांदी की जांच में बड़ा झटका लगा है। जांच में सामने आया कि करीब 20 टन चढ़ावे की चांदी में केवल थोड़ी मात्रा ही असली थी, जबकि बाकी हिस्सा नकली धातुओं से बना था। इस धोखाधड़ी से बोर्ड को लगभग 520 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि नकली चांदी में कैंसर पैदा करने वाले तत्व जैसे कैडमियम मौजूद हैं। इस खुलासे ने न केवल आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाया है बल्कि भक्तों की आस्था और स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
जम्मू/एजेंसी। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है जिसने देशभर में सनसनी फैला दी है। भक्तों द्वारा चढ़ाई गई चांदी की जांच में यह खुलासा हुआ कि उसमें असली चांदी बेहद कम मात्रा में थी और अधिकांश हिस्सा नकली धातुओं से बना था। अनुमान है कि इस धोखाधड़ी से श्राइन बोर्ड को लगभग 520 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे में दी गई चांदी में खतरनाक तत्व जैसे कैडमियम और आयरन पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कैडमियम कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। इस खुलासे ने न केवल आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाया है बल्कि भक्तों की आस्था और स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
श्राइन बोर्ड ने चढ़ावे की चांदी को सरकारी मिंट में प्रोसेसिंग के लिए भेजा था, जहां जांच के बाद यह धोखाधड़ी सामने आई। अब सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली चांदी मंदिर तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। इस मामले ने धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। भक्तों और स्थानीय लोगों में गुस्सा और निराशा का माहौल है। सामाजिक संगठनों और धार्मिक नेताओं ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना केवल आर्थिक घोटाला नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। देशभर में इस खुलासे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग इसे बड़े अपराध की श्रेणी में गिन रहे हैं। जांच एजेंसियों पर दबाव है कि वे जल्द से जल्द दोषियों को बेनकाब करें और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं।




