गाजियाबाद में मानवता शर्मसार नवरात्र में नौ माह की बच्ची को मंदिर के गेट पर छोड़ा
Humanity shamed in Ghaziabad, a nine month old girl child was left at the temple gate during Navratri

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह गया। वहीं, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दंग गई। इसके बाद घटना के बारे में जानकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ कन्या पूजन जैसे अभियान को समाज के अनेक लोग पलीता लगा रहे हैं। नवरात्र में जहां व्रत रखकर रोज मां के विभिन्न रूपों की पूजा की जा रही है तो वहीं पर ऐसी मां भी हैं जो कलेजे के टुकडे को लावारिस हालत में छोड़कर जा रही है।
ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद में बृहस्पतिवार को सामने आया है। लिंक रोड थाना क्षेत्र में नौ माह की एक बच्ची को मां-बाप मंदिर के ठीक सामने छोड़कर चले गए। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मंदिर में पूजा करने वाले लोगों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बच्ची को सुरक्षित तरीके से वहां से उठाया और जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंची। इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डा. राजीव वर्मा ने बताया कि लिंक रोड पुलिस नौ माह की एक बच्ची का मेडिकल कराने आई थी। बच्ची का मेडिकल किया गया।
डा. राजीव वर्मा ने बताया कि शरीर पर कोई नए निशान नहीं मिले हैं। बच्ची स्वस्थ है। पुलिस ने फिलहाल बच्ची को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है। पता चला है कि बच्ची को गोविंदपुरम स्थित अनाथ आश्रम में भेज दिया गया है। उधर, पुलिस सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से बच्ची को लावारिस हालत में छोड़ने वालों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। नवरात्र के दिनों में इस तरह बच्ची को मंदिर के सामने छोड़ा जाना चिंता का विषय है।




