कोरोना काल में खेलो इंडिया के नाम पर किया फर्जीवाड़ा, जेल से आकर नोएडा में करने लगा झपटमारी

During the Corona period, he committed fraud in the name of Khelo India, came out of jail and started snatching in Noida

नोएडा। कोराेना काल में खेलो इंडिया के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाला जेल से बाहर आकर नोएडा में किराये पर रहने लगा। बकायदा अपना नाम संजय कुशवाह पुत्र रमेश चंद से संजय प्रताप सिंह पुत्र रमेश कर लिया। यहां पर गिरोह बना मोबाइल झपटमारी और चोरी करना शुरू कर दिया।शातिर ने साथियों संग मिलकर 14 मई को सेक्टर 168 से विनय नाम के युवक से मोबाइल झपटा था। पुलिस ने पकड़ने के लिए झपटमारों के पीछे लगी। गोपनीय सूचना पर वाजिदपुर टी प्वाइंट के पास से शातिर व उसके दो साथियों को शुक्रवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों से चोरी के छह मोबाइल, बाइक, एक तमंचा, कारतूस बरामद किए।एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने गिरफ्तार किए तीनों बदमाशों की पहचान आगरा बाह के जरार गांव के संजय प्रताप सिंह, दीपक कुमार व अलीगढ़ गभाना के गांवरी गांव के दीपक के रूप में की। गिरोह का सरगना संजय प्रताप सिंह है। वह 2020 से अपराध कर रहा है।
उसने कोराना काल में अपने बाह के ही दो दोस्त रवि कुमार व अनुज ओझा को साथ लिया था। तीनों ने मिलकर पैसे कमाने की योजना बनाई थी। इसके लिए खेलो इंडिया योजना के नाम का सहारा लिया था। तीनों ने इंटरनेट मीडिया और समाचार पत्रों में विज्ञापन निकाला कि कोई भी खिलाड़ी आवेदन कर खेलो इंडिया योजना में चयनित हो सकता है। इसके नाम पर खिलाड़ियों से छह-छह हजार रुपये आवदेन के तौर पर जरार की केनरा बैंक शाखा के बैंक खाते में जमा कराए। बैंक खाता रवि कुमार के नाम पर था। संजय ने आवदेन करने वाले खिलाड़ियों का एक वाट्सएप ग्रुप बनाया था। खिलाड़ियों द्वारा बिना संकोच किए रुपये देने पर तीनों के मन में लालच बढ़ने लगा।
उन्होंने हरियाणा करनाल के मरदन हेडी गांव के यदविंदर सिंह खिलाड़ी से 55 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए थे, लेकिन उसका कहीं पर भी सलेक्शन नहीं हुआ तो उसने रुपये लाैटाने की मांग की। तीनों उसको टरकाने लगे। यदविंदर समेत कई खिलाड़ियाें ने मामले की शिकायत भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के अधिकारियों से की थी। साइ के खेलो इंडिया योजना के तत्कालीन प्रभारी गुरजीत सिंह तिवाना ने आगरा के बाह थाने में रवि, अनुज व संजय के खिलाफ धोखाधडुी, फर्जी दस्तावेज बनाकर जालसाजी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को गलत तरीके से पेश करने, आइटी एक्ट की धारा में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल से बाहर आकर संजय 2021 में मारपीट व धमकी देने के मामले में जेल गया था। पिछले दिनों संजय नोएडा आकर गांव वाजिदपुर गांव के वाशन पीजी में रहने लगा। संजय पर चार, दीपक कुमार व दीपक पर दो-दो मुकदमे दर्ज हैं।

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