देहरादून की गुर्जर बस्ती में निकला 14 फीट लंबा अजगर, देखकर कांपे लोग, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में गुर्जर बस्ती के पास 14 फीट लंबा और 55 किलो वजनी अजगर मिलने से हड़कंप मच गया।

देहरादून/एजेंसी। उत्तराखंड में देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब गुर्जर बस्ती के पास एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया। करीब 14 फीट लंबे और 55 किलो से अधिक वजन वाले इस अजगर को देखकर लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि डर के माहौल के बीच बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचकर उसका वीडियो बनाने में जुट गए।
घटना कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज के अंतर्गत कुल्हाल धौला अनुभाग की गुर्जर बस्ती की है। जैसे ही ग्रामीणों ने बस्ती के पास इस भारी-भरकम अजगर को देखा, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अजगर की लंबाई और उसका विशाल आकार देखकर लोग हैरान रह गए। एक ओर जहां लोग डर के कारण उससे दूरी बनाए हुए थे, वहीं दूसरी ओर उसे देखने और मोबाइल में कैद करने के लिए भीड़ भी जुट गई। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने जब अजगर को देखा तो वे भी उसके आकार को देखकर हैरान रह गए। रेस्क्यू टीम ने सावधानी बरतते हुए करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस अजगर को काबू में किया। इस दौरान ग्रामीण सांस थामे पूरे घटनाक्रम को देखते रहे और कई लोग लगातार वीडियो बनाते रहे।
रेस्क्यू के बाद अजगर को तिमली रेंज के घने आरक्षित वन क्षेत्र में ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अजगर ने किसी पर हमला नहीं किया। अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद न केवल ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, बल्कि वन विभाग की टीम ने भी सफलता पर संतोष जताया।
कालसी वन प्रभाग के तिमली रेंज के रेंज अधिकारी पंकज ध्यानी ने बताया कि रेस्क्यू किया गया अजगर बर्मीज पाइथन प्रजाति का है। इसकी लंबाई करीब 14 फीट और वजन लगभग 55 किलो 300 ग्राम था। उन्होंने बताया कि यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत शेड्यूल-1 में आती है और तराई क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी क्षेत्र में कोई वन्य जीव या सांप दिखाई दे, तो घबराने या खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना दें। इसके लिए 1926 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जिस पर कॉल कर मदद ली जा सकती है।

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