धोती-कुर्ता पहनकर पहुंचे वकील साहब, 145 साल पुराने दून क्‍लब ने नहीं दी एंट्री

देहरादून,(उत्तराखंड)। 145 साल पुराने देहरादून क्लब में देहरादून के एक वरिष्‍ठ वकील को प्रवेश करने से रोक दिया गया। दरअसल वह धोती, कुर्ता और टोपी पहने हुए थे। नौ बार देहरादून जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके मनमोहन कंडवाल ने इसका विरोध किया। तब क्लब के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि पोशाक के बारे में मामला क्लब की अगली बोर्ड बैठक में उठाया जाएगा।
क्लब के अध्यक्ष सुनीत मेहरा ने कहा- ‘देहरादून क्लब एक प्राइवेट क्‍लब है जो रजिस्‍ट्रार ऑफ कंपनीज की तरफ से चलाई जाती है। हमारे सदस्‍यों को कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। ड्रेस कोड भी इनमें से एक है। चूंकि यह मुद्दा उठाया गया है, इसलिए अगली बार क्‍लब की बोर्ड मीटिंग होगी उसमें बहुमत के आधार पर इस पर फैसला लिया जाएगा। मेहरा के अनुसार, क्लब के नियमों के अनुसार पुरुष सदस्यों को कॉलर वाली टी-शर्ट/शर्ट, पतलून और जूते पहनने चाहिए। केवल सुबह और शाम के समय खेल क्षेत्र में बिना कॉलर के शॉर्ट्स और शर्ट पहनने की अनुमति है। महिला सदस्यों के लिए कोई ड्रेस कोड नहीं है। वे साड़ी और अन्य परिधानों में भी आ सकती हैं।
‘जब संसद में धोती-कुर्ते की अनुमति है, तो क्लबों और होटलों में क्यों नहीं?’
वरिष्‍ठ वकील मनमोहन कंडवाल कंडवाल ने बताया कि वह जल्द ही देहरादून क्लब को एक नोटिस भेजेंगे क्योंकि यह किसी की गरिमा से जुड़ा मामला है जिस पर चर्चा करने और जल्द से जल्द हल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, जब संसद में धोती-कुर्ते की अनुमति है, तो क्लबों और होटलों में क्यों नहीं? यह क्लब ब्रिटिश काल के दौरान आया था। आजादी को 75 साल हो चुके हैं, लेकिन औपनिवेशिक मानसिकता आज भी बनी हुई है। कोई भी कानून भारत के संविधान से ऊपर नहीं हो सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button