1996 बैच के आईपीएस मुकेश सिंह ने संभाला मणिपुर के डीजीपी का चार्ज

1996 बैच के आईपीएस मुकेश सिंह ने सोमवार को मणिपुर के नए पुलिस चीफ का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले सिंह लद्दाख के पुलिस चीफ थे। केंन्द्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करके सिंह को मणिपुर में भेजा था।

इम्फाल/एजेंसी। वर्ष 1996 बैच के आईपीएस अफसर मुकेश सिंह ने सोमवार को मणिपुर पुलिस के नये पुलिस चीफ का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले सिंह लद्दाख के पुलिस चीफ थे। केंन्द्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करके सिंह को मणिपुर में भेजा था। मुकेश सिंह के मणिपुर कैडर में 3 साल के लिए इंटर कैडर डेपुटेशन को मंजूरी दी गई थी। जिसके बाद उन्हें मणिपुर का डीजीपी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार मुकेश सिंह इससे पहले लद्दाख के पुलिस चीफ थे। करीब पांच माह तक वह लद्दाख में तैनात रहे। उसके बाद अब केन्द्र की तरफ से उन्हें मणिपुर में भेजा गया है। मुकेश सिंह ने जम्मू कश्मीर पुलिस में विभिन्न पदों पर कार्य किया है और उसके बाद भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। जम्मू कश्मीर में तैनात रहते हुए उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ खूब काम किया है। जम्मू जोन में तैनात रहते हुए कई आतंकियों को मार गिराया गया था। कई सफल आपॅरेशन किए गए थे। इसके अलावा पुलिस जनता के रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए गए थे।
जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के चरम पर होने के दौरान सिंह को पुलवामा में एसपी के तौर पर तैनात किया गया था। उन्हें भारतीय सेना को आतंकवाद विरोधी अभियानों में मदद करने के लिए पहचान मिली। उन्होंने एनआईए में तैनात रहते हुए कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अलगाववादियों को मिलने वाले विदेशी फंड को रोका। 2018 में सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया चैलेंज में हिस्सा लिया और अपने साथियों को भी इस फिटनेस पहल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।
जम्मू जोन के आईजी के तौर पर उन्होंने उस ऑपरेशन को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके परिणामस्वरूप कुख्यात आतंकवादी ताहिर अहमद भट्ट को खत्म किया गया। ताहिर के मारे जाने के बाद 1980 के दशक के बाद पहली बार कश्मीर के शोपियां और किश्तवाड़ को आतंकवाद से मुक्त घोषित किया गया। मुकेश सिंह जो फिटनेस के बहुत शौकीन हैं ने एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन जैसे कई मैराथन में हिस्सा लिया है। 2022 में मुकेश सिंह ने एक कार्यक्रम शुरू किया जिसमें पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में छात्रों को विभिन्न विषयों में पढ़ाने का काम सौंपा गया। सिंह ने व्यक्तिगत रूप से एक स्कूल में गणित पढ़ाया। सिंह ने कर्स ऑफ द पीर 2023 और पुलिस ऑपरेशंस 2015 जैसी किताबें लिखी हैं।
मुकेश सिंह कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके है। वे आतंकवाद रोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ माने जाते है। उन्होंने जम्मू कश्मीर में लंबे समय तक संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन संभाला है। जिसमें जम्मू संभाग के आईजी तथा एडीजीपी के पद पर तैनात रहे। इस दौरान जम्मू संभाग में आतंकवाद की कमर तोड़ने में उनका अहम रोल है। उनकी तरफ से कई सफल आपॅरेशन किए गए है। आईपीएस मुकेश सिंह ने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके अलावा वे राष्ट्रीय जांच एजेंसी की स्थापना से जुड़े शुरुआती अधिकारियों में भी शामिल रहे है।

 

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