जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की आशंका, जैश की धमकी के बाद ईद पर सुरक्षा कड़ी; ‘देखो और मारो’ का एक्शन जारी…

जम्मू/एजेंसी। ईद उल फितर के मौके पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों द्वारा किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका से निपटने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। एलओसी के साथ सटे राजौरी-पुंछ, बारामुला-कुपवाड़ा के सीमांत इलाकों से लेकर कठुआ-उधमपुर-किश्तवाड़ रेंज के उच्च पर्वतीय इलाकों में छिपे आतंकियों केा मार गिराने के लिए अलग-अलग आतंकरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं।
दक्षिण कश्मीर और सेंट्रल कश्मीर में जंगलों और पहाड़ों के साथ सटी बस्तियों में भी औचक तलाशी ली जा रही है। सभी प्रमुख धर्मस्थलोंं और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के साथ साथ अल्पसंख्यकों अौर दूर दराज के इलाकों में स्थित बस्तियों की सुरक्षा बढ़ादी गई है। इसके अलावा ग्राम रक्षा दलों को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है।
संबंधित सूत्रों ने बताया कि जम्मू प्रांत में गत माह सुरक्षाबलों ने जैश ए मोहम्मद के जुबैर, मुबातिर और सैफुल्ला समेत छह प्रमुख कमांडरों को मार गिराया है। इससे जैश ए मोहम्मद का जम्मू प्रांत में नेटवर्क लगभग तबाह हो गया है और इससे वह अत्यंत हताश है।
इसके अलावा गुलाम जम्मू कश्मीर में भी जैश ए मोहम्मद को स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। गुलाम जम्मू कश्मीर के लोग जेश पर स्थानीय युवाओं को जिहाद के नाम पर बलि का बकरा और मासूमों का कातिल बनाने का आरोप लगा रहे हैं।
बताया जाता है कि किश्तवाड़ में मारे गए आतंकियों के लिए गुलाम जम्मू कश्मीर के अब्बासपुर पुंछ में आयोजित गायबाना नमाज ए जनाजा के दौरान जैश ए मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने एलान किया था कि जैश जल्द ही अपने कमांडरों की मौत का बदला लेगा। इसलिए इस बात की तीव्र आशंका है कि जैश ईद के मौके पर जम्मू कश्मीर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है।
सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने भी कथित तौर पर ईद के मद्देनजर सतर्कता बरतने का विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा कि आतंकी और उनके समर्थक इस दौरान किसी भी चूक का लाभ उठाकर गड़बड़ी फैला सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सचेत और तैयार रहने को कहा गया है।
आतंकी हमले की आशंका के मद्देनजर पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करते हुए कुछ संवेदनशील स्थानों को चिह्नित करते हुए देखो और मारो अभियान चलाए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस का विशेष अभियान दल, सीआरपीएफ और सेना के जवान क्षेत्र विशेष की परिस्थितियों के अनुसार अलग अलग या फिर संयुक्त रूप इन क्षेत्रों में आतंकरोधी अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आतंकियों के ओवरग्रांड वर्करों व उनके प्रति सहानुभूति रखने वाले तत्वों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। हाइवे और दूर दराज के इलाकों में आने जाने के मार्गाें पर भी विशेष्ज्ञ निगरानी बरती जा रही है। ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी आतंकरोधी अभियानों में शामिल किया गया है।
हालांकि सभी वरिष्ठ सुरक्षाधिकारी आतंकी हमले की आशंका को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी से बच रहे हैं, लेकिन वह यह जरुर कहते हैं कि आतंिकयों को किसी भी वारदात का मौका न मिले,इसलिए पूरी सावधानी बरती जा रही है। सभी संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

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