20 रुपये की रिश्वत केस में 29 साल बाद निर्दोष छूटा पुलिस कांस्टेबल, अगले दिन मौत

अहमदाबाद/एजेंसी। अगर यह बात कही जाती है कि देरी से मिला न्याय, न्याय से इनकार है। देर से मिला फैसला अन्याय के बराबर है। इसका एक जीता-जागता उदहारण गुजरात में सामने आया है। 20 रुपये की रिश्वत के मामले का केस 29 साल तक चला। इस मामले में बरी होने के बाद पुलिस कांस्टेबल की अगले दिन मौत हो गई। यह चौंका देने वाला वाकया गुजरात के अहमदाबाद का है। जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल को 20 रुपये की रिश्वत में बरी किया गया था। इस घटना ने परिवार की खुशी को मातम में बदल दिया है।
जानकारी के अनुसार साल 1997 में अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके में विशाला के पास एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत पकड़ने का जाल बिछाया था। इसमें पुलिस कांस्टेबल बाबूभाई प्रजापति समेत तीन पुलिस कांस्टेबल को एसीबी ने एक ट्रक ड्राइवर से 20 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। एसीवी की कार्रवाई के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। सभी सुनवाई और पक्षों को सुनने के बाद अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट साल 2004 में पुलिस कांस्टेबल बाबूभाई प्रजापति समेत 3 पुलिस कांस्टेबलों को सजा का आदेश दे दिया।
पुलिस कांस्टेबल बाबूभाई प्रजापति ने साल 2004 में अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। साल 2004 में गुजरात हाई कोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर गुजरात हाई कोर्ट ने 4 फरवरी 2026 को 20 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में अपना फैसला सुनाते हुए पुलिस कांस्टेबल बाबूभाई प्रजापति को बरी करने का आदेश दिया।
29 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पुलिस कांस्टेबल बाबूभाई प्रजापति बहुत खुश थे क्योंकि उन्हें उन आरोपों से मुक्ति मिल गई थी जो वह लगभग 3 दशकों से अपने दिल पर लगाए हुए थे। 4 फरवरी को इंसाफ मिलने के बाद उनके वकील नितिन गांधी ने पुलिस कांस्टेबल बाबूभाई प्रजापति को मिलने के लिए बुलाया और बातचीत की जिसमें वकील नितिन गांधी ने पुलिस कांस्टेबल बाबूभाई प्रजापति को सुझाव दिया कि अब जब आप बरी हो गए हैं, तो आपको जो सरकारी फायदे मिल रहे हैं, उन्हें लेने के लिए अप्लाई करना चाहिए। वकील नितिन गांधी के सुझाव पर बाबूभाई प्रजापति ने कहा कि मैं खुश हूं क्योंकि मैं बरी हो गया हूं, अच्छा होगा कि अब भगवान मुझे ले लें। 5 फरवरी को दोपहर 2.30 बजे इस बातचीत के बाद देर शाम बाबूभाई प्रजापति की मौत हो गई। मौत की सूचना पर वकील नितिन गांधी चौंक तो वहीं दूसरी तरफ परिवार के लोग भी सन्न रहे गए। इस घटना के बाद लोगों का कहना है कि मानों बाबूभाई खुद के बरी होने का इंतजार कर रहे थे।

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