चीन के लिए खतरे की घंटी, एक साल में घटी 17% जन्मदर

बीजिंग/एजेंसी। चीन में जनसंख्या संकट और गहराता जा रहा है। 2025 में देश में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और जन्मदर 1949 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में केवल 79 लाख बच्चे पैदा हुए, जबकि 2024 में यह संख्या 94 लाख थी, यानी एक साल में 15 लाख जन्म कम हो गए। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के मुताबिक, चीन की कुल आबादी 2025 में 33 लाख 90 हजार से घटकर 140 करोड़ 49 लाख रह गई। यह लगातार चौथा साल है जब देश की आबादी घटी है। 1959-61 के अकाल को छोड़ दें तो यह सबसे बड़ी सालाना गिरावट मानी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में चीन की जन्मदर घटकर 5.63 प्रति हजार रह गई, जबकि प्रजनन दर करीब 1 आंकी जा रही है। आबादी को स्थिर रखने के लिए 2.1 जरूरी मानी जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह युवाओं में शादी से बढ़ती दूरी है। 2024 में शादियां करीब 20 प्रतिशत घटीं, जिसका सीधा असर जन्मदर पर पड़ा। हालांकि 2025 में शादी के नियमों में ढील से अस्थायी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
अर्थशास्त्री खुफिया इकाई की चीन मामलों की प्रिंसिपल इकोनामिस्ट सू यू के अनुसार, युवाओं पर बढ़ता आर्थिक दबाव, महंगी शिक्षा, बच्चों के पालन-पोषण का खर्च और खासकर महिलाओं के लिए करियर छोड़ने की कीमत, जन्मदर गिरने के प्रमुख कारण हैं।
स्थिति को और गंभीर बनाती है चीन की तेजी से बूढ़ी होती आबादी। फिलहाल देश की 23 प्रतिशत आबादी 60 साल से अधिक उम्र की है और अनुमान है कि 2035 तक यह संख्या 40 करोड़ पहुंच जाएगी, जिससे श्रमबल घटेगा और पेंशन-स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।
हालात संभालने के लिए सरकार ने दो और तीन बच्चों की अनुमति, प्रति बच्चे 3,600 युआन की सब्सिडी, गर्भनिरोधकों पर टैक्स तथा डे-केयर और मैचमेकिंग सेवाओं को टैक्स छूट जैसे कदम उठाए हैं। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि गहरे संरचनात्मक सुधारों के बिना गिरती जन्मदर को थामना आसान नहीं होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button