जेवर एयरपोर्ट का साइट इंजीनियर चोरी करा रहा था एल्यूमीनियम तार, चार गिरफ्तार, कैंटर बरामद

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईकोटेक-1 कोतवाली पुलिस ने बुधवार को जेवर एयरपोर्ट की निर्माणाधीन साइट से एल्यूमीनियम के तार चोरी कर उन्हें बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में इंजीनियर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एल्युमीनियम केबल के सात बंडल बरामद किए हैं। इसकी कीमत 15 लाख रुपये के करीब आंकी गई है। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में लगे साइट इंजीनियर से मिलीभगत कर चोरी की घटना को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट लगा कैंटर व एक स्विफ्ट कार भी बरामद की है।
ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि बुधवार रात थाना सेक्टर ईकोटेक-1 पुलिस की चेकिंग के दौरान जेवर एयरपोर्ट निर्माण साइट पर तैनात टाटा कंपनी के इंजीनियर समेत चार आरोपी पकड़े गए। आरोपी एक कैंटर में एयरपोर्ट से चोरी किए गए एल्यूमीनियम के तार लेकर जा रहे थे, जिन्हें वे बेचने वाले थे। पुलिस ने उनके कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट वाली कैंटर, लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के तार और एक कार जब्त की है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में लगी टर्मिनल बिल्डिंग टाटा कंपनी के साइट इंजीनियर जिला अलीगढ़ थाना टप्पल गांव लालपुर निवासी शिवम शर्मा, जिला सिद्धार्थनगर थाना डुमरियागंज गांव टिकरिया निवासी इरशाद अहमद (ड्राइवर), मोहम्मद सिराज (गाड़ी के हेल्पर) एवं इजहार उर्फ सोनू के रूप में हुई है। इजहार वर्तमान समय में दिल्ली के थाना शंभापुर सोनिया विहार में रह रहा था। वह कबाड़ी का काम करता है। पुलिस के अनुसार, इंजीनियर की मिलीभगत से दो आरोपी साइट से तार चोरी कर कबाड़ी इजहार को बेचते थे। पुलिस इस गिरोह से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी स्क्रैप बताकर केबल्स को एयरपोर्ट साइट से बाहर ले जा रहे थे। इसमें फर्जी नंबर प्लेट लगी कैंटर का इस्तेमाल किया गया। इंजीनियर के निर्देश पर साइट से चोरी की गई सामग्री निकाली गई, और वह खुद कार में बैठकर कैंटर के साथ चला आ रहा था। मामले की जांच अभी भी जारी है। केबल चोरी के मामले में गिरफ्तार साइट इंजीनियर शिवम पहले भी एयरपोर्ट साइट से सरिया चोरी करवा चुका है। जांच में सामने आया कि एयरपोर्ट साइट आने से पहले ही लगभग 10 टन सरिया दूसरी गाड़ी में लोड किया गया था, जिसे करीब ढाई लाख रुपये में बेचा गया था। पुलिस की जांच से यह भी पता चला है कि कई अन्य कर्मचारी भी चोरी में शामिल हैं।




