शौर्य दिवस की पूर्व संध्या पर 300 कारसेवकों को किया सम्मानित

लखनऊ ब्यूरो। श्रद्धेय कल्याण सिंह सनातन सेवा स्मृति न्यास ने शौर्य दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को सीएमएस विशाल खंड गोमती नगर में कारसेवकों का अभिनंदन और सम्मान किया। जिसका शुभारंभ अयोध्या आंदोलन के प्रमुख विनय कटियार, श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी अनिल मिश्रा, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अयोध्या से आए महामंडलेश्वर योगी नवल गिरी महाराज, अयोध्या से आए वैदेही बल्लभ शरण, महंत धर्मेंद्र दास, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया ने द्वीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर अयोध्या में कारसेवा करने वाले सैकड़ों वंदनीय कारसेवकों को भी सम्मानित किया गया। इन कारसेवकों में स्वर्गीय केसरी नाथ त्रिपाठी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के परिवार के सदस्य, योगेश शुक्ला वरिष्ठ पत्रकार, मनोहर सिंह, राजेंद्र तिवारी पूर्व नगर अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राम प्रकाश गुप्त के परिजनों, वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र भदौरिया, परिपूर्ण न्यूज़ समाचार पत्र के लखनऊ ब्यूरो चीफ राजकुमार शुक्ला, एडवोकेट राजेश शुक्ला, प्रदीप जी, विनय मिश्रा, राहुल मिश्रा सहित 300 कारसेवकों को सम्मानित किया गया। स्वर्गीय केके शुक्ला का सम्मान वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार शुक्ला द्वारा उनकी पत्नी श्रीमती संतोष शुक्ला जी को दिया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अयोध्या के विकास से पूरे देश का विकास हो रहा है। आज पूरी दुनिया में श्री रामलाला का मंदिर चर्चा का विषय बना हुआ है। अयोध्या में पूरे विश्व के उद्योगपति आ रहे है। सरकार अयोध्या को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। आज जो अयोध्या का स्वरूप विकसित हो रहा है वह हमारे कारसेवकों की मेहनत का परिणाम है। कारसेवकों ने सोचा भी नहीं होगा कि वे जो यह पुनीत कार्य कर रहे हैं उसका परिणाम इतना सुखद होगा।

राम रस में सराबोर शाम, कारसेवकों के नाम कार्यक्रम में कवियों ने अपनी कविताओं से कारसेवकों को याद किया। इस मौके पर कारसेवकों पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इस सम्मान समारोह में संस्था के अध्यक्ष प्रशान्त भाटिया ने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण में कार्यसेवकों का बलिदान नीवं की ईंट के समान है। भव्य रामलला का मंदिर इस बलिदान को कभी भुला नहीं सकता। यदि ढांचा ना गिराया गया तो मंदिर का निर्माण संभव नहीं था। राम भक्तों ने जहां पूरे समाज को एक करने का कार्य किया। वही ढांचा को गिरकर वर्षों पुराने कलंक को मिटाने का भी कार्य किया था। लाखों कारसेवकों की कारसेवा का ही सुफल परिणाम यह विश्व के सामने भव्य श्रीराम मंदिर के रूप में तैयार है आगामी 22 जनवरी 2024 को हम सभी की कारसेवा सफल होने वाली है। यह सिर्फ प्रभु श्रीराम की शक्ति से ही संभव था।
कार्यक्रम में संत नवल गिरी महाराज, धर्मेंद्र दास, वैदेही वल्लभ शरण, आर एस एस के प्रचारक अशोक बेरी, रेशू भाटिया, जय कृष्ण सिन्हा समेत सैकड़ों लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।




