गाजियाबाद पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा नेताओं के साथ दूधेश्वरनाथ मंदिर में किया दर्शन-पूजन
CM Yogi Adityanath reached Ghaziabad, performed Darshan-Pooja at Dudheshwarnath temple along with BJP leaders

गाज़ियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गाजियाबाद के प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में कांवड़ यात्रा को लेकर की गई तमाम व्यवस्थाओं का उन्होंने स्वयं जायजा भी लिया।
मुख्यमंत्री के आगमन की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, लेकिन मंदिर में पहुँचते ही प्रशासन और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। मंदिर के महंत नारायण गिरी महाराज ने बताया कि आज तक किसी भी मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के दौरान दूधेश्वरनाथ मंदिर का दौरा नहीं किया था। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और कांवड़ियों की सुरक्षा तथा सुविधाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं।”
योगी आदित्यनाथ ने मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्य और यात्री व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों की जानकारी भी ली। मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद मुख्यमंत्री गाजियाबाद पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मुजफ्फरनगर और मेरठ रवाना हो गए। मुख्यमंत्री का यह दौरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सावन माह के दौरान हो रही कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सावन माह में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है और इसी क्रम में 23 जुलाई को मनाई जाने वाली सावन शिवरात्रि पर दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर में लाखों कांवड़िएं व शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस विशेष अवसर पर तीन दिवसीय कांवड़ मेला 21 जुलाई से शुरू होगा।
शनिवार को महंत नारायण गिरि महाराज ने मंदिर परिसर में पत्रकार वर्ता कर बताया कि 22 जुलाई को त्रयोदशी का जल चढ़ेगा। त्रयोदशी सुबह 7:06 बजे लगेगी और रात 2:29 बजे समाप्त होगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई को सुबह चार बजे से शुरू होकर पूरे दिन कावंड़ का जल चढ़ाने के लिए शुभ है।
भक्त पूरे दिन कभी भी जलाभिषेक कर सकते हैं। व्रत का पारण 24 जुलाई को किया जाएगा। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने बताया कि देशभर से आने वाले कांवड़ियों के लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कांवड़ियों की सेवा के लिए मंदिर के स्वयंसेवक 24 घंटे तैनात रहेंगे।




