ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक फर्जी दरोगा को किया गिरफ्तार

फर्जी दरोगा बनकर जमाता था धौंस, प्लाजा पर टोल टैक्स का लेता था लाभ, कई दस्तावेज बरामद

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक फर्जी दरोगा को अरेस्ट किया है। आरोपी के कब्जे से फर्जी पुलिस पहचान पत्र, आधार कार्ड और कार बरामद हुआ है। फर्जी आईकार्ड दिखाकर पुलिस की धौंस जमाता था और टोल प्लाजा पर टोल टैक्स का लाभ लेता था।
सूरजपुर पुलिस ने रविवार को एक फर्जी सब इंस्पेक्टर को पकड़ा है। आरोपी के पास से बरामद हुई पुलिस का यह फर्जी पहचान पत्र आरोपी ने एक ऐप के जरिए तैयार किया है। नोएडा सेंट्रल जोन के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि रविवार को कलेक्ट्रेट के सामने से परी चौक की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर पुलिस को एक युवक संदिग्ध दिखाई दिया। पुलिस टीम ने मौके पर जाकर उससे बातचीत की तो उसने खुद को पुलिसकर्मी बताया और रौब झाड़ना शुरू कर दिया। गिरफ्तार फर्जी सब इंस्पेक्टर की पहचान राहुल सिंह सिसौदिया (26) निवासी पक्षी विहार ग्राम देवला थाना सूरजपुर जिला गौतमबुद्ध नगर के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने जेवर टोल प्लाजा पर भी इसी तरह कार्ड का इस्तेमाल किया था।
मौजूद पुलिसकर्मियों ने उससे आई कार्ड मांगा तो उसने दिखाने में बिल्कुल भी देरी किए बगैर उन्हें पुलिस का फर्जी पहचान पत्र दिखा दिया। फर्जी कार्ड देखकर पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस के फर्जी आई कार्ड को उन्होंने पहचान लिया था। जांच करने पर पता चला कि राहुल राणा के नाम से बना उसका पहचान पत्र फर्जी है। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए थाने लाया गया। आरोपी ने अपनी पहचान सूरजपुर के देवला गांव के रहने वाले राहुल सिंह सिसौदिया के रूप में बताई।
आरोपी ने बताया कि उसने कुछ महीने पहले ही एक मोबाइल ऐप के जरिये उत्तर प्रदेश पुलिस के फर्जी उपनिरीक्षक का पहचान पत्र तैयार किया था। उसने पुलिस का पहचान पत्र राहुल राणा के नाम से बनवाया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि 17 मई की शाम वह एक शादी समारोह में आगरा गया था। उसने यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल प्लाजा समेत दो टोल पर इसका इस्तेमाल किया था। वह टोल टैक्स पर कार्ड दिखाकर बिना भुगतान किए कई बार यात्रा कर चुका है।
पुलिस ने इस संबंध में जेवर टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी पहचान पत्र, फर्जी आधार कार्ड और वैगनआर कार बरामद की है। पुलिस ने आरोपी पर कई धाराओं में केस दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इसके साथ पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इस फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में तो नहीं किया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि वह मूलरूप से जनपद हाथरस का रहने वाला है। पिछले 10 वर्षों से परिवार के साथ देवला गांव में रहता है। वह 12वीं पास है। वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में स्थित एक एलईडी बनाने वाली कंपनी में जॉब करता है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर उसने मोबाइल ऐप के माध्यम से पुलिस का फर्जी पहचान पत्र बनाने का विचार आया। टोल प्लाजा पर लगने वाले टैक्स को बचाने और अन्य जगह रौब दिखाने के लिए उसने यह कार्ड बनवा लिया।

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