सूदखोरों के चक्कर में दुकानदार ने खत्म की जिंदगी

वीडियो में 2 लोगों का नाम लिया और फांसी के फंदे पर लटका

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर में एक दुकानदार ने सूदखोरों के चक्कर में फंस कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मोबाइल से वीडियो बना दो व्यक्तियों पर लगाया आरोप और फिर फांसी के फंदे पर लटक गया। पत्नी की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बड़हलगंज थाना क्षेत्र के साऊंखोर ग्राम निवासी 48 वर्षीय अजय तिवारी ने अपनी जीवनलीला इसलिए समाप्त कर ली क्योंकि ब्याज पर पैसा देने वालों ने उसे प्रताड़ित कर रखा था। आए दिन वह उसे धमकाते और गल्ले में रखा पैसा लेकर चले जाते। मंगलवार की देर रात अजय तिवारी ने घर के सामने बनी घारी (जहां पशुओं को रखा जाता है) में फांसी के फंदे से लटक कर जान दे दी।वीडियो बनाकर अपने पड़ोसी गांव के रहने वाले सर्वेश और प्रकाश राय पर आरोप लगाया कि इन्हीं दोनों की वजह से मैं जान दे रहा हूं। कुछ साल पहले बिजनेस के लिए इनसे ब्याज पर पैसे लिए थे, जिन्हें चुका भी चुका था। लेकिन इनकी डिमांड और ब्याज बढ़ती ही जा रही थी। ये लोग दिन भर दुकान में बैठते और गल्ले से पैसा निकाल ले जाते। मना करने पर मारने की धमकी देते थे। इसीलिए प्रताड़ित होकर मैं यह कदम उठा रहा हूं।
घरवालों को इसकी सूचना तब हुई जब देर रात तक अजय घर वापस नहीं लौटे। तलाश करते हुए सुबह पशुओं के बाड़े में उनकी पत्नी पहुंची तो फांसी के फंदे पर उन्हें लटकते हुए पाया। शोर मचाने पर अन्य परिजन और गांव के लोग इकट्ठे हो गए। पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोबाइल खंगाला तो यह वीडियो उन्हें प्राप्त हुआ। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया और पत्नी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस बारे में एसपी साउथ जितेंद्र कुमार का कहना है कि तहरीर और मोबाइल से मिले वीडियो के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश जारी है। जांच पूरी होने पर आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि इस तरह के कई और मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 2020 में एक ही परिवार के विकलांग पिता सहित दो मासूम बेटियों ने कर्जदारों से परेशान होकर मौत को गले लगाया था। तो वही गोला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपने पूरे परिवार को जहर देकर मार दिया और फिर खुद सुसाइड कर लिया था। बीते फरवरी माह में भी कोचिंग सेंटर के सुपरवाइजर ने कर्जदरों से मुक्ति पाने के लिए आत्महत्या कर ली थी।

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