मनेंद्रगढ़ के पालना घर में बड़ा खेल! कागजों में हो रहा है संचालन, जमीनी हकीकत में ताला—राशि की बंदरबांट का आरोप
परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर की मिलीभगत से लाखों की गड़बड़ी? वार्ड 1 ब/21 मनेंद्रगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र पर उठे गंभीर सवाल

शोभित शर्मा,मनेंद्रगढ़/छत्तीसगढ़। शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित “पालना घर” योजना अब गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 1 ब/21 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पालना घर केवल कागजों पर ही चल रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
बताया जा रहा है कि जिस पालना घर का संचालन बच्चों की देखरेख और सुविधा के लिए होना चाहिए, वहां न तो नियमित गतिविधियां हो रही हैं और न ही बच्चों की उपस्थिति दर्ज हो रही है। इसके बावजूद शासन से मिलने वाली राशि का नियमित आहरण किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में परियोजना अधिकारी और सेक्टर सुपरवाइजर की भूमिका संदिग्ध है। दोनों की कथित सांठगांठ से योजना की राशि में बंदरबांट किया जा रहा है और शासन की योजनाओं को कागजों तक सीमित कर दिया गया है। महिला बाल विकास परियोजना मनेंद्रगढ़ में कई योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार होने की बात भी सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि बच्चों के हित में बनाई गई योजना को ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
इस संबंध में परियोजना अधिकारी मनेंद्रगढ़ शाशि जयसवाल से मोबाइल नंबर 9424263267 पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।




