महाराष्ट्र में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के दौड़ रहे हैं लाखों वाहन, परिवहन विभाग लेगा एक्शन
Lakhs of vehicles are running in Maharashtra without high security number plates, transport department will take action

मुंबई/एजेंसी। सरकार ने वाहन चोरी रोकने और एकरूपता लाने के लिए 1 अप्रैल, 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों के लिए हाई सिक्यॉरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) अनिवार्य कर दी थी। परिवहन विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभी भी महाराष्ट्र में पिछले पांच वर्षों में लगभग 10 लाख नए वाहन बिना अनिवार्य एचएसआरपी के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। 2019 में एचएसआरपी को अनिवार्य करने के बाद वाहन निर्माताओं की जिम्मेदारी बन गई कि वे वाहन ग्राहकों को सौंपने से पहले एचएसआरपी लगाएं।
सरकार ने एचएसआरपी लगाने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है। महाराष्ट्र में 1.15 करोड़ पंजीकृत वाहनों में से 1.05 करोड़ में HSRP लग चुकी है, लेकिन अब भी 9.98 लाख वाहन बिना HSRP के चल रहे हैं। इन्हें देखते हुए महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त कार्यालय ने पिछले महीने सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को 2019 के बाद पंजीकृत वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
एचएसआरपी को आमतौर पर ‘IND’ या ‘INDIA’ नंबर प्लेट कहा जाता है। यह एल्युमीनियम मिश्रित धातु से बनी होती। इसमें रेट्रो-रिफ्लेक्टिव फिल्म (जो रात में चमकती है), क्रोमियम-आधारित अशोक चक्र होलोग्राम, नीले रंग में हॉट-स्टैम्प्ड ‘IND’ अक्षर और 10-अंकों के लेजर वाले सीरियल नंबर होते हैं। एचएसआरपी को स्नैप लॉक से फिट किया जाता है, जिससे इसे जबरन हटाने पर यह टूट जाती है और नंबर प्लैट बदलने के लिए कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती। इसके अलावा, दोपहिया और ट्रैक्टरों को छोड़कर हर वाहन में विंडशील्ड के अंदर एक क्रोमियम-आधारित होलोग्राम स्टीकर लगाना भी अनिवार्य है।
HSRP के बिना दौड़ रहे 10 लाख नए वाहनों में कई सरकारी वाहन भी शामिल हैं। महाराष्ट्र में 4 करोड़ से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। लंबी निविदा प्रक्रिया के बाद, परिवहन विभाग ने एचएसआरपी लगाने के लिए तीन कंपनियों को अधिकृत किया है। हालांकि, पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगाने का काम दिसंबर, 2024 में शुरू हुआ। हालांकि, इनकी कीमतों को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
विपक्षी दलों ने एचएसआरपी की कीमतों को ज्यादा बताकर विरोध किया है। उनका आरोप है कि सरकार अनुचित रूप से अधिक शुल्क वसूल रही है। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि HSRP की कीमतें अन्य राज्यों के समान हैं।
HSRP न लगवाने वाले कई वाहन फैंसी नंबर प्लैट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ वाहन मालिक अंक के साथ ‘दादा’, ‘चाचा’ और ‘भाऊ’ जैसे शब्द लिखवा रहे हैं। कई नंबर प्लैट पर अक्षर और अंक इतने छोटे होते हैं कि सिर्फ अंतिम चार अंक ही स्पष्ट दिखते हैं। यह प्राय: ट्रैफिक कैमरों से बचने के लिए किया जाता है। सरकार और परिवहन विभाग की सख्ती के बावजूद, महाराष्ट्र में लाखों वाहन बिना एचएसआरपी के दौड़ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 30 अप्रैल की डेडलाइन के बाद सरकार क्या कदम उठाती है।




