वैष्णो देवी मेडिकल इंस्टीट्यूट पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सियासी घमासान
बीजेपी-एनसी ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

जम्मू/एजेंसी। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को उस समय तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन गई, जब श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस, कटड़ा का मुद्दा सदन में उठा। उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) विधायकों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए, जिसके चलते स्पीकर को बीच-बचाव करना पड़ा।
बनिहाल से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सज्जाद शाहीन ने बहस की शुरुआत करते हुए भाजपा विधायकों की ओर इशारा कर आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द होने पर भाजपा से जुड़े लोगों ने मिठाइयां बांटी थीं। उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया।
सज्जाद शाहीन के आरोपों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरएसपुरा-जम्मू साउथ से भाजपा विधायक सरदार नरेंद्र सिंह अपनी सीट पर खड़े हो गए। उन्होंने शाहीन पर सदन में भ्रामक और तथ्यहीन बयान देने का आरोप लगाया। नरेंद्र सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता इस वर्ष इसलिए रद्द की गई, क्योंकि आवश्यक शर्तें पूरी नहीं हो सकी थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले वर्ष कालेज को दोबारा शुरू किया जा सकता है। इसी दौरान बहस में पहलगाम से नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक मोहम्मद अल्ताफ वानी भी कूद पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में मुस्लिम छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण भाजपा ने साजिश के तहत कॉलेज को बंद करवाया। इस बयान के बाद सदन का माहौल और गरमा गया।
अल्ताफ के आरोपों का भाजपा विधायकों ने कड़ा विरोध किया। गांधीनगर से विधायक विक्रम रंधावा भी बहस में शामिल हो गए और उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायकों पर सदन को गुमराह करने और झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया।
दोनों दलों के विधायकों के बीच बढ़ते शोर-शराबे और तीखी नोकझोंक को देखते हुए स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने सभी सदस्यों से संयम बरतने की अपील करते हुए उन्हें अपनी-अपनी सीटों पर बैठने का निर्देश दिया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
-1770218653301.webp)




