उमर अब्दुल्ला और अमित शाह की मुलाकात
जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाली को लेकर हुई चर्चा

श्रीनगर/एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। अधिकारियों के अनुसार, दोनों ने केंद्र शासित प्रदेश के लिए कामकाज के नियमों और राज्य का दर्जा बहाल करने पर चर्चा की। उमर अब्दुल्ला ने अमित शाह को बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के लिए कामकाज के नियम तैयार हैं। गृह मंत्रालय की जांच के बाद इन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने के बाद अब्दुल्ला की शाह के साथ यह तीसरी औपचारिक बैठक थी।अभी कामकाज के नियम जम्मू-कश्मीर राजभवन और मुख्यमंत्री कार्यालय, दोनों के नियंत्रण में हैं। इससे सचिवालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के लिए काम करना मुश्किल हो रहा है। उन्हें स्पष्टता नहीं है कि कैसे काम करें और किसे प्राथमिकता दें।
अधिकारियों ने बताया कि ज़मीन से जुड़े कामकाज के नियम उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार के पास ही रहने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, दोनों ने राज्य का दर्जा बहाल करने पर भी बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह कई मौकों पर इसका वादा कर चुके हैं। उमर अब्दुल्ला ने बैठक में कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में कोई खालीपन नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को साथ लेकर चलना होगा।
अधिकारियों ने बताया कि विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए औद्योगिक नीति में बदलाव और पर्यटन नीति में और बदलावों पर भी चर्चा हुई। अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के आगामी बजट सत्र पर भी शाह के साथ विस्तार से बातचीत की और शासन के मुद्दों पर भी चर्चा की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के रिश्ते के बारे में पूछे जाने पर, अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैं इस बारे में अगली INDIA गठबंधन की बैठक में बात करूंगा। वरना बेवजह का विवाद खड़ा होता है।’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मैं इस बारे में अगली INDIA गठबंधन की बैठक में बात करूंगा। वरना बेवजह का विवाद खड़ा होता है।’
दिल्ली चुनाव परिणामों पर अब्दुल्ला ने कहा कि स्थिति ऐसी थी कि उन्हें या तो हंसना था या रोना था। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे रोना पसंद नहीं है, इसलिए मैंने आप लोगों को हंसाया (एक मीम शेयर करके जिस पर लिखा था और लड़ो आपस में)।




