मुंह पर ताला लगाना नहीं मंजूर… छगन भुजबल ने ठुकराया बड़े पद का ऑफर
Keeping a mum is not acceptable... Chhagan Bhujbal turned down the offer of a big post

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र में पूर्व मंत्री और अजित पवार की एनसीपी के बड़े नेता छगन भुजबल लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। वह जहां अजित पवार पर लगातार निशाना साध रहे हैं तो वहीं बीजेपी की तारीफ कर रहे हैं। शुक्रवार को भुजबल ने कहा था कि मुझे राज्यपाल बनाया जाना मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पद एक तरह से मुंह पर ताला लगाने जैसा है और यह मेरी शख्सियत से मेल नहीं खाता है। ऐसी चर्चा चल रही है कि महायुति से उन्हें राज्यसभा सांसद या किसी राज्य का राज्यपाल बनाया जा सकता है। हालांकि भुजबल ने शनिवार को केंद्रीय बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज का केंद्रीय बजट भारत की भविष्य की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसमें मध्यम वर्ग, किसानों, उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र के लिए विभिन्न लाभकारी प्रावधान किए गए हैं।
पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में भुजबल ने राज्यपाल पद का ऑफर मिलने से पहले ही उसे रिजेक्ट कर दिया। अजीत पवार की एनसीपी में भुजबल सबसे सीनियर लीडर हैं, लेकिन इस बार उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया है। इस वजह से वे नाराज चल रहे हैं। मुजबल ने मीडिया से कहा था कि मुझे राज्यपाल बनाना मेरे मुंह पर ताला लगाने जैसा है। राज्यपाल बनने के बाद मैं क्या करूंगा। मेरा काम गरीबों की समस्याओं को हल करना है, उनके लिए लड़ना है। उन्होंने पूछा था कि क्या मैं राज्यपाल बनकर उन समस्याओं का समाधान कर सकूंगा?
भुजबल ने कहा कि मैं राज्यपाल के पद का अपमान नहीं करना चाहता, लेकिन मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं। भुजबल ने यह भी कहा कि बीजेपी के साथ अजीत पवार की एरनसीपी का गठबंधन है, शादी नहीं। उन्होंने अपने इस बयान से साफ़ किया है कि यह युति परमानेंट नहीं हैं। आने वाले दिनों में रास्ते अलग भी हो सकते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री बनने के बाद नागपुर में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इसमें एनसीपी से भुजबल को जगह नहीं मिली थी। इसके बाद वह नासिक चले गए थे और कहा था कि जहां नहीं चैना, वहां नहीं रहना। इसके बाद से भुजबल नाराज बताए जा रहे हैं।




