गाजियाबाद के लोगों को नहीं मिली राहत, जारी रहेगा बढ़ा हुआ हाउस टैक्स
नाराज पार्षद ने दिया इस्तीफा

गाजियाबाद। हाउस टैक्स में वृद्धि को लेकर शनिवार को हुए बोर्ड बैठक में कोई राहत नहीं मिली। महापौर सुनीता दयाल और नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक से पार्षदों ने तीन घंटे तक टैक्स वृद्धि को रद्द करने का अनुरोध किया लेकिन नगरायुक्त ने साफ इनकार कर दिया। तर्क दिया गया कि टैक्स वृद्धि कम करने और रद्द करने का अधिकार शासन के पास है। महापौर और नगरायुक्त ने संयुक्त रूप से सदन को आश्वस्त किया कि लखनऊ जाकर उच्च अधिकारियों से वार्ता को जाएगी। बाद में नाराज पार्षद बिल्लू यादव ने महापौर को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका।
बोर्ड बैठक में टैक्स में छूट को लेकर चर्चा हुई। नए और पुराने मकानों को एक स्लैब में शामिल करने पर चर्चा हुए। दोपहर तक टैक्स वृद्धि एवं नई दरों पर चर्चा हुई। बोर्ड विचार कर रहा है कार्पेट एरिया के हिसाब से टैक्स का निर्धारण हो।
बढ़े हुए टैक्स को लेकर लोगों में है नाराजगी
बता दें कि शहर में हाउस टैक्स में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर लोगों में नाराजगी का माहौल है। दरअसल अधिकारी टैक्स को कम करने के पक्ष में नहीं हैं और सभी पार्षद इसके खिलाफ हैं। हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद यह पहला मौका है जब नगर निगम की बोर्ड बैठक चल रही है। शहर के लोग और कई पार्षद उम्मीद कर रहे हैं कि बैठक में बढ़े हुए हाउस टैक्स पर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ।
फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम
फिलहाल टैक्स वृद्धि में राहत मिलने की संभावना कम हो गई है। कई पार्षदों ने सदन से मांग की कि हाउस टैक्स में की गई बढ़ोतरी को पूरी तरह रद्द किया जाए। पार्षदों के अनुसार हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह नहीं बताया कि हाउस टैक्स कितना बढ़ाया जाना चाहिए।
कोर्ट ने केवल यह कहा है कि टैक्स बढ़ाने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई वह सही है। ऐसे में जिस प्रक्रिया के तहत हाउस टैक्स की बढ़ोतरी की गई उसी प्रक्रिया के तहत इसे कम भी किया जा सकता है। अधिकारियों ने पार्षदों की हाउस टैक्स को कम करने की मांग को नजरअंदाज कर दिया।
शनिवार को हाउस टैक्स वृद्धि के खिलाफ समाजवादी पार्टी के नेताओं ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया। नेता मांग करने लगे कि नगरायुक्त को ज्ञापन लेने को बुलाया जाए। पुलिस और सपा नेताओं के बीच नोक झोंक भी हुई।बाद में एस डी एम पल्लवी को ज्ञापन सौंपा गया। बता दें कि अंदर सदन में बोर्ड बैठक चल रही है। पिछले कई महीने से हाउस टैक्स वृद्धि को लेकर नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नेता, पार्षद,व्यापारी और राजनीतिक दल एकजुट हो रहे हैं। बोर्ड बैठक में दोपहर तक टैक्स वृद्धि को लेकर कोई राहत नहीं मिली है।टैक्स छूट को लेकर जरूर चर्चा हुई।




