फायरमैन और दमकल का ड्राइवर ही लगाते थे फैक्ट्रियों में आग, फिर करते थे तेल का ‘खेल’

खुद ही आग लगाते और खुद ही बुझाने जाते

  • जयपुर में फायरमैन और ड्राइवर ने फैक्ट्रियों में लगाई थी आग
  • आग बुझाने के बाद चुराते थे दमकल का डीजल
  • आर्थिक लाभ के लिए खुद ही लगाते थे आग
  • पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गिरफ्तारी

जयपुर/एजेंसी। जब किसी मकान या फैक्ट्री में आग लगती है तो दमकल की गाड़ियां तेजी से दौड़ती हुई आती-जाती दिखाई देती हैं। दमकलकर्मी अपनी जान पर खेलकर आग पर काबू पाने की कोशिश करते हैं। अब सोचिए आग लगाने की घटनाओं को अंजाम देने वाले ही अगर फायरमैन और दमकल का ड्राइवर हो तो इससे ज्यादा हैरानी की बात और क्या हो सकती है। जयपुर में एक ऐसे ही अजीब कारनामे का खुलासा हुआ है। करधनी थाना पुलिस ने एक फायरमैन और दमकल के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है, जो फैक्ट्रियों में आग लगाते थे। फिर खुद ही आग बुझाने जाते थे। इसके पीछे की वजह भी आपको हैरान कर देगी।
डीसीपी वेस्ट अमित कुमार बुढानिया ने बताया कि पिछले दिनों करधनी थाना क्षेत्र में स्थित अलग अलग फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाएं हुई। इन घटनाओं को लेकर मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक फैक्ट्रियों में आग लगाकर जाते हुए देखे गए। पुलिस ने फैक्ट्रियों के आस पास से सीसीटीवी फुटेज जुटाए। करीब 100 से ज्यादा फुटेज देखने पर एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक संदिग्ध नजर आए। ये दोनों युवक फैक्ट्रियों से सरना डूंगर फायर स्टेशन की ओर जाते दिखाई दिए।
अमित कुमार बुढानिया ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने पूरा रूट चार्ट बनाया और संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पकड़े गए दोनों युवकों ने फैक्ट्रियों में आग लगाने की घटनाएं कबूल कीं। हैरानी की बात यह है कि दोनों युवकों में से एक फायरमैन है और दूसरा दमकल का ड्राइवर।
झोटवाड़ा एसीपी सुरेंद्र सिंह राणावत बताते हैं कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक का नाम विजय शर्मा है, जबकि दूसरे का नाम है राहुल यादव। बागड़ों का मोहल्ला किशनपुरा करधनी इलाके का निवासी विजय शर्मा फायरमैन है, जबकि सिंगोद गोविंदगढ़ निवासी राहुल यादव फायर स्टेशन पर दमकल का ड्राइवर है। ये दोनों आरोपी अस्थाई कर्मचारी रूप से फायर स्टेशन पर कार्य करते हैं। चूंकि दोनों के पास फायरमैन और ड्राइवर का अनुभव प्रमाण पत्र है।
ऐसे में प्राइवेट ठेकेदार के जरिए इन्हें अस्थायी रूप से कार्य करने की नियुक्ति मिली हुई है। ये आरोपी पहले खुद ही आग लगा कर फायर स्टेशन पहुंच जाते थे। थोड़ी देर बाद कंट्रोल रूम से आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ी लेकर मौके पर जाते और आग को बुझाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जब वे आग बुझाने जाते हैं तो घटना के बाद वे दमकल की गाड़ी में से डीजल चुराकर बेचते हैं। जितना डीजल जलता, उससे ज्यादा डीजल जलना बताकर वे चोरी का डीजल बेचकर आर्थिक मुनाफा कमाते थे। आगजनी की घटनाएं जितनी ज्यादा होंगी, उतना ही ज्यादा डीजल चोरी कर पाते। ऐसे में उन्होंने आग लगाने की घटनाओं को अंजाम दिया, ताकि दमकल की गाड़ी में से डीजल चोरी करके बेच सकें। विजय शर्मा और राहुल यादव पिछले तीन महीने में तीन फैक्ट्रियों में आग लगाना स्वीकार किया है।
आरोपी विजय शर्मा और राहुल यादव ने तीन घटनाएं करना स्वीकार किया है। 29 अक्टूबर 2024 को उन्होंने सरना डूंगर स्थित चौहान प्लास्टिक की फैक्ट्री में आग लगाई थी। इस आग से फैक्ट्री मालिक को करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ। 24 दिसंबर 2024 को इन्हीं आरोपियों ने सरना डूंगर एरिया में औद्योगिक क्षेत्र की राम इंडस्ट्रीज में आग लगाई थी। इस घटना से फैक्ट्री मालिक को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ। हाल ही में 7 जनवरी 2025 को विजय और राहुल ने रिया ऑर्गेनिक फैक्ट्री में आग लगाई थी। फैक्ट्री मालिक को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ। चोरी का डीजल बेचकर चंद रुपयों के लालच में इन आरोपियों ने लाखों रुपये का नुकसान कर दिया।

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