फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर बेची जमीन, दिल्ली पुलिस का बर्खास्त इंस्पेक्टर गिरफ्तार
Sold land by preparing fake certificate, dismissed Delhi Police inspector arrested

- दो साल पहले दिल्ली पुलिस से बर्खास्त हुआ था आरोपित
- अब यूपी पुलिस दारोगा की वर्दी पहनकर करता था रौब गालिब
मुरादनगर/गाजियाबाद। फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर जमीन का सौदा करने के मामले में पुलिस में दिल्ली पुलिस के बर्खास्त इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपित के खिलाफ दस वर्ष पूर्व सीबीआई में भी केस दर्ज दर्ज कराए गए थे, जिनके संबंध में भी जांच चल रही है। आरोपित ने पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपित बर्खास्त होने के बाद अब यूपी पुलिस दारोगा की वर्दी पहनकर लोगों पर रौब गालिब करता था। एसीपी मसूरी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि इस वर्ष अगस्त माह में मसूरी थाने में अंबर जेटली समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुख्य आरोपित अंबर जेटली था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की जांच मुरादनगर थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी को मिली।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने मामले में लोगों से पूछताछ की तो पता चला रोहिणी, दिल्ली के प्रिंटर अपार्टमेंट में रहने वाले मनीष पुरी नामक व्यक्ति भी मामले में लिप्त है। जो कि दिल्ली में मोटर व्हीकल विभाग में संभागीय निरीक्षक के तौर पर कार्यरत रह चुका है। शुक्रवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित मनीष पुरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में उसके खिलाफ 12 वर्ष से जांच चल रही थी, जांच में हुई कार्रवाई के आधार पर उसे अगस्त 2022 में विभाग से बर्खास्त कर दिया गया।
आरोपित अपने साथी रोहित, भसीन व अन्य लोगों के साथ मिलकर जमीन के फर्जी कागज तैयार उन्हें बेचा करते थे। इस प्रकार के सौदों में हासिल हुए धन को आपस में बांट लिया जाता था। आरोपित ने मुख्य आरोपित अंबर जेटली को दिल्ली के छावला थाना क्षेत्र के राधोपुर में इसी प्रकार जमीन दिलवाई थी। इतना ही नहीं आरोपित के खिलाफ फर्जीवाड़े से संबंधित दो मुकदमे चल रहे हैं। दोनों मुकदमे वर्ष 2012 व 2014 में दर्ज कराए गए थे।
एसीपी ने बताया कि जिस पर आरोपित को दिल्ली से गिफ्तार किया गया वह अपनी वर्दी पहने हुए था, जबकि आरोपित को बर्खास्त हुए दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं। आरोपित फर्जीवाड़े से संबंधित अपने काम निकालने के लिए लोगों से वर्दी पहनकर मिलता था, और उन पर वर्दी का रौब डालकर अपने काम निकलवाता था।




