झारखंड विधानसभा में अभिभाषण के दौरान राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया बड़ा ऐलान
झारखंड में महिलाओं की बल्ले- बल्ले, सरकारी नौकरी में 33% आरक्षण, गरीबों को 7 किलो चावल और 2 किलो दाल

- झारखंड में आधी आबादी के लिए बड़ा ऐलान
- महिलाओं को नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण
- गरीबों को 7 किलो चावल और 2 किलो दाल
रांची/उत्तर प्रदेश। झारखंड में सरकार गठन के बाद विधानसभा का पहला सत्र जारी है। इस दौरान बुधवार को विधानसभा के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा। राज्यपाल संतोष गंगवार ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की ओर एक बड़ा ऐलान किया। अपने अभिभाषण के दौरान राज्यपाल ने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। विधानसभा में हुए इस ऐलान से पूरे झारखंड की महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। बिहार में पहले से महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था है। अब झारखंड में सरकारी नौकरी में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से इसका ऐलान किया गया था। उन्होंने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि सरकार बनने के बाद राज्य सरकार सभी तरह की सरकारी नौकरी में 33 प्रतिशत का आरक्षण देगी। इस दौरान राज्यपाल ने झारखंड सरकार की ओर से किए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने आदिवासियों को 28 प्रतिशत, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण और अल्पसंख्यकों को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में साफ कहा कि झारखंड सरकार ने सरना धर्म कोड बिल को पास कर दिया है। उन्होंने कहा कि ये सभी बिल फिलहाल केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास लंबित पड़े हैं। राज्यपाल ने सरकार की प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि सरकार इन प्रस्तावों को जल्द-जल्द से मंजूरी दिलाने का प्रयास करेगी। राज्यपाल के अभिभाषण में ये भी स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार और उनकी कंपनियों के बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये को हासिल करने के लिए झारखंड सरकार कानूनी रास्ता अपनाएगी।
राज्यपाल की ओर से विधानसभा सत्र के तीसरे दिन अभिभाषण दिया गया। इस दौरान उन्होंने नवनिर्वाचित विधायकों को बधाई दी। उनके सुखी और समृद्धि की कामना करते हुए उनन्नत झारखंड बनाने के लिए काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि अभिभाषण के बाद सदन में अनुपूरक बजट पेश हो पाएगा। झारखंड विधानसभा में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण में सरकार की कुछ अहम घोषणाएं शामिल रहीं। जिसमें महिलाओं को नौकरी में आरक्षण के अलावा ऐसी स्थानीय नीति, जिसमें तीसरे-चौथे दर्जे की नौकरियों में आदिवासियों-मूलवासियों को मिलेगा 100 प्रतिशत आरक्षण।
उसके अलावा झारखंड के किसानों को जीरो ब्याज पर ऋण की व्यवस्था। एससी को 12 फीसदी, एसटी को 28 फीसदी और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण को केंद्र से मंजूरी दिलाई जाएगी। गरीबों को 7 किलो चावल और 2 किलो दाल। अबुआ आवास योजना के तहत 25 लाख से अधिक गरीब परिवारों को 3 कमरों का सुंदर आवास। शहरी क्षेत्रों में वर्षों पुराने बने घरों के नक्शे का नियमितीकरण। झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना।




